मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार, 6 नवंबर को तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तमिलनाडु के ताजा बुलेटिन में मदुरै और थेनी समेत कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, अमरावती मौसम केंद्र चित्तूर और तिरुपति में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।
केरल के इदुक्की और एर्नाकुलम जिलों में भी आज के लिए येलो अलर्ट जारी है। गांवों की कच्ची सड़कों या जलभराव वाले रास्तों पर टू-व्हीलर सवारों को संभलने का दूसरा मौका मुश्किल से ही मिलता है। ऐसे में सफर शुरू करने से ठीक 10 मिनट पहले की गई एक छोटी सी जांच आपको रास्ते में गाड़ी बंद होने, फिल्टर में पानी घुसने और ब्रेक फेल होने जैसी बड़ी परेशानियों से बचा सकती है।
आज के बारिश के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए यह चेकलिस्ट आपकी गाड़ी की ग्रिप, विजिबिलिटी, इंजन और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स को सुरक्षित रखने के मकसद से तैयार की गई है। भारी बारिश का अलर्ट: ग्रामीण रास्तों के लिए टू-व्हीलर राइडर्स की 10 मिनट वाली चेकलिस्ट जरूरी कदम (10 मिनट का फोकस) यह क्यों जरूरी है टायर प्रेशर और ग्रिप (Tread Sipes) की जांच सड़क पर बेहतर पकड़ बनती है और कीचड़-फिसलन में गाड़ी अनियंत्रित (Aquaplaning) नहीं होती।
चेन की ढील और नया लुब्रिकेशन राइड स्मूथ रहती है और कीचड़ में चेन अचानक झटके नहीं मारती। अगले और पिछले ब्रेक की बाइट जांचें ब्रेक की पकड़ मजबूत होती है और गीली सड़क पर गाड़ी कम दूरी में रुक जाती है। हेडलाइट का फोकस और वाइज़र से फॉग हटाएं तेज बारिश में रास्ता साफ दिखता है और सामने वालों को भी आपकी गाड़ी आसानी से नजर आती है।
एयर-इंटेक और ड्रेन होल की जांच इंजन के भीतर पानी जाने से रोकता है और एयर फिल्टर को सेफ रखता है। इलेक्ट्रिकल सीलिंग और स्पेयर फ्यूज वायरिंग में स्पार्क और नमी नहीं आती, साथ ही जरूरत पड़ने पर तुरंत फ्यूज बदला जा सकता है। सफर के दौरान कच्ची सड़कों से गुजरते समय तेज रफ्तार से बचें, लेकिन गाड़ी का मोमेंटम बनाए रखें।
किनारे की टूटी पटरियों और कीचड़ से बचने के लिए हमेशा सड़क के बीच वाले ऊंचे हिस्से (Crown) पर चलें। पानी के गड्ढों की गहराई का अंदाजा उनके रंग, पानी की हलचल और अन्य गाड़ियों के टायरों के निशानों से लगाएं। गड्ढे में सीधे जाएं, एक्सीलेटर स्थिर रखें और बेहतर संतुलन के लिए घुटनों को ढीला छोड़ें।
अगर पानी से निकलने के बाद ड्रम ब्रेक ढीले महसूस हों, तो ब्रेक लेदर को सुखाने के लिए हल्का-हल्का ब्रेक दबाएं। घर लौटने के बाद गाड़ी के निचले हिस्से में जमी कीचड़ को हल्के पानी से नीचे से ऊपर की ओर धोएं, फिर चेन और पिवट्स पर दोबारा लुब्रिकेंट लगाएं। बियरिंग्स, कोन सेट और स्विचगियर पर तेज प्रेशर से पानी मारने से बचें, क्योंकि इससे पानी अंदर चला जाता है।
अपने साथ ₹500 से कम में आने वाली एक छोटी किट हमेशा रखें—जिसमें पोंचो (रेनकोट), जिप टाई, क्लॉथ टेप, स्पेयर फ्यूज और नाइट्राइल ग्लव्स हों। इसमें एक छोटी टॉर्च और फर्स्ट-एड किट जोड़ लेने से ग्रामीण इलाकों की राइड पूरी तरह सुरक्षित और बेफिक्र हो जाती है। ।
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