Bank of Baroda Lawsuit: बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) से जुड़ा एक बड़ा कानूनी मामला सामने आया है। बैंक के खिलाफ 1. 43 लाख करोड़ रुपये यानी करीब 15 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग की गई है।
इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने बैंक को नोटिस जारी किया है। मुकदमा NMC हेल्थकेयर और UAE एक्सचेंज के संस्थापक बीआर शेट्टी ने दायर किया है। इस कानूनी विवाद में बीआर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा के कुछ फैसलों और उनकी कंपनियों के साथ हुए लेन-देन पर सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि फंड के इस्तेमाल और गारंटी से जुड़े मामलों में गड़बड़ी हुई। इससे उनकी कारोबारी स्थिति और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। इसी नुकसान के बदले उन्होंने बैंक समेत कुल 26 पक्षों से 1.
43 लाख करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। बैंक ने 29 अक्टूबर को इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उसे अभी तक मुकदमे की कॉपी नहीं मिली है। बैंक ने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़ी जानकारी उसके तिमाही नतीजे जारी होने से पहले लीक की गई।
बैंक ने इस तरह सूचना बाहर आने को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करने की बात कही थी। बीआर शेट्टी की ओर से पेश वकीलों ने बॉम्बे हाई कोर्ट से अपील की कि बैंक के पास मौजूद इस विवाद से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं। उनका कहना था कि सुनवाई के दौरान इन कागजात की जरूरत पड़ सकती है।
इस मांग के बाद कोर्ट ने बैंक को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को तय की गई है। अब देखना होगा कि बैंक कोर्ट में अपना पक्ष किस तरह रखता है और इस बड़े हर्जाने के दावे पर आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।
फिलहाल, लगाए गए आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला नहीं आया है। ।
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