गया, 4 नवंबर 2026: जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते प्रभावों से बिहार के गांवों को सुरक्षित बनाने की दिशा में गया में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। ‘मौसम पर मंथन- मल्टी स्टेकहोल्डर डायलॉग फॉर ट्रांसफॉर्मिंग रूरल इंडिया थ्रू विकसित भारत-जी राम जी’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों को आपदा सहिष्णु बनाने, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और जर्मन विकास सहयोग (जीआईजेड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 28 राज्यों के प्रतिनिधियों, जर्मनी दूतावास के पदाधिकारियों और जर्मन विकास सहयोग के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी योजनाएं तैयार की जाएं, जो रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में भी मददगार हों। विकसित भारत-जी राम जी की श्रेणी-IV के तहत जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभावों को कम करने तथा जलवायु-सहिष्णु परिस्थितियों के निर्माण पर विशेष चर्चा की गई।
इस दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय जलवायु और आपदा जोखिमों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता बताई गई। विशेषज्ञों ने कहा कि गांवों में बनने वाली परिसंपत्तियां केवल तत्काल जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें ग्रामीण आजीविका मजबूत करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में भी योगदान देना चाहिए।
चर्चा में ग्राम पंचायतों की भौगोलिक परिस्थितियों, जल उपलब्धता, प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरणीय चुनौतियों और संभावित आपदा जोखिमों का आकलन कर योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा विभिन्न राज्यों की सफल कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
बिहार के ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों , इस कार्यशाला से राज्य को जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु सहिष्णु ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण से जुड़े अपने प्रयास राष्ट्रीय मंच पर साझा करने का अवसर मिला। साथ ही दूसरे राज्यों के अनुभवों से सीखने और ग्राम पंचायतों की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप जलवायु अनुकूल विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कार्यशाला का शुभारंभ ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त सचिव रोहिणी भाजीभाकरे, विकसित भारत-जी राम जी के निदेशक संजय कुमार, बिहार ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास और विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त अंजनि कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कांसल भी ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। ।
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