स्मार्टफोन की वाटर रेजिस्टेंस और IP रेटिंग: पानी से बचाव के लिए क्या जानना जरूरी है? IP रेटिंग्स फोन की पानी और धूल से सुरक्षा का स्तर दर्शाती हैं। ये रेटिंग्स नियंत्रित लैब टेस्टिंग पर आधारित होती हैं, वास्तविक उपयोग अलग।
फोन पानी में गिरे तो तुरंत निकालें, स्विच ऑफ करें और सुखाएं। ब्रह्मानंद मिश्र, नई दिल्ली। आपने नया आइफोन या कोई फ्लैगशिप एंड्रॉयड फोन खरीदा।
कुछ ही दिनों बाद इस पर पानी या कोल्ड ड्रिंक गिर गया। आपने इसे टिश्यू से सुखा दिया और बेफिक्र हो गए। सोचिए, अगर पानी गिरने से फोन खराब हो जाता, तो अनजाने में हुई एक छोटी सी गलती के चलते आपको नया फोन खरीदना पड़ता या उसकी महंगी रिपेयरिंग करानी पड़ती।
सबसे अच्छी बात यही है कि 2026 में मिलने वाले ज्यादातर प्रीमियम फोन इतने वाटर-रेजिस्टेंट होते हैं कि अगर वे पानी की बाल्टी में गिर जाएं या तेज बारिश में भीग जाएं, तो भी सुरक्षित रह सकते हैं। अगर आपने हाल ही में कोई फोन खरीदा है या नया फोन खरीदने जा रहे हैं, तो 'वाटर रेजिस्टेंट' या IP रेटिंग जैसे शब्दों को जरूर सुना होगा।
फोन पर अक्सर IP67, IP68 और IPएक्स8 जैसी रेटिंग्स दिख जाती है, लेकिन इनका असल में क्या मतलब है। क्या बेहतर IP रेटिंग वाले फोन के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना सही है? क्या इस फीचर को ज्यादा अहमियत देनी चाहिए?
इसके लिए फायदों और इसकी सीमाओं को समझना बेहद महत्वपूर्ण है। नया महंगा फोन वास्तव में कितना वाटरप्रूफ है, इससे पहले हमें समझना होगा कि सभी फोन पूरी तरह से पानी में डूबने पर सुरक्षित नहीं रह सकते। कुछ को तो बिल्कुल भी पानी या किसी तरल पदार्थ के पास नहीं ले जाना चाहिए।
भले ही फोन को पानी में डुबोने के बाद भी खराब न होने का दावा किया जाए, फिर भी आपको उसे पानी से बचाना चाहिए। आइफोन 18 प्रो के लिए छह मीटर तक वाटर-रेसिस्टेंस (पानी से बचाव) का दावा किया जाता है। इससे भले ही आपको लगे कि इसे स्विमिंग शॉर्ट्स में रखकर पूल में ले जा सकते हैं, लेकिन ऐसा करना आपके लिए मुसीबत बन सकता है।
दरअसल, IP रेटिंग की टेस्टिंग नियंत्रित प्रयोगशाला (लैब) में होती है, जहां पानी स्थिर होता है। पानी के अंदर फोन के हिलने-डुलने से उसके अंदर पानी जाने और नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है। संभव है कि जिसे ठीक भी न किया जा सके।
दूसरा, IP टेस्टिंग ताजे पानी में होती है, जबकि पूल में क्लोरीन जैसे केमिकल भी हो सकते हैं। इससे फोन खराब हो सकता है। पानी में खारापन होने से चार्जिंग पोर्ट का मेटल वाला हिस्सा पूरी तरह खराब हो सकता है।
समय के साथ फोन के पोर्ट और बटन खराब होने लगते हैं, जिस पर पानी जाने नुकसान हो सकता है। ।
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