केंद्रीय कैबिनेट ने नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF स्कीम को मंजूरी दी, जिससे 92 गीगावाट घंटा ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज क्षमता विकसित होगी। एनर्जी स्टोरेज के लिए 14,500 करोड़ रुपये की स्कीम को मंजूरी ₹14,500 करोड़ की VGF स्कीम को कैबिनेट की मंजूरी।
92 गीगावाट घंटा एनर्जी स्टोरेज क्षमता का विकास होगा। दुर्लभ खनिजों के प्रसंस्करण को भी मिली स्वीकृति। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश में नवीकरणीय ऊर्जा के बड़े पैमाने पर एकीकरण को गति देने के लिए 14,500 करोड़ रुपये की वाइबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) स्कीम को मंजूरी दे दी गई।
इस स्कीम के तहत 92 गीगावाट घंटा (जीडब्लूएच) की ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम क्षमता विकसित की जाएगी। यानी इस स्टोरेज को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा जाएगा। यह पांच वर्षीय स्कीम वित्त वर्ष 2030-31 तक चलेगी।
इसके तहत 30 जीडब्लूएच बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस), 60 जीडब्लूएच पंपड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स और 2 जीडब्लूएच उभरती हुई स्टोरेज तकनीकों को समर्थन दिया जाएगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि स्कीम का उद्देश्य अभी तक कमीशन न हुई 92 जीडब्लूएच एनर्जी स्टोरेज क्षमता का विकास करना है।
इससे देश में मौजूदा ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज क्षमता के 170 फीसद के बराबर नई क्षमता सृजित होगी और 2031-32 तक आवश्यक 411 जीडब्लूएच की ग्रिड-स्केल स्टोरेज जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी। वैष्णव ने बताया कि स्कीम से बिजली क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी, नवीकरणीय ऊर्जा का बड़े पैमाने पर एकीकरण आसान होगा और विश्वसनीय, सस्ती तथा चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
सरकार की तरफ से बताया गया है कि स्कीम के तहत कुल 97,600 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश होगा। एनर्जी स्टोरेज क्षमता का आवंटन टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। ।
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