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2013 तहलका दुष्कर्म केस: तरुण तेजपाल को नहीं मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर रोक लगाने से किया इनकार

DARSH NEWS डेस्क • 06 Nov 2026, 03:07 PM IST
2013 तहलका दुष्कर्म केस: तरुण तेजपाल को नहीं मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर रोक लगाने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल की सजा पर रोक से इनकार किया। तेजपाल को 2013 दुष्कर्म मामले में 10 साल की सजा हुई थी। वकील ने पीड़िता के बयान और जांच पर सवाल उठाए थे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 'तहलका' के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल की 10 साल की जेल की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रोक लगाने से इनकार कर दिया। तरुण तेजपाल को नवंबर 2013 में गोवा के एक होटल की लिफ्ट में अपनी एक जूनियर सहकर्मी के साथ बलात्कार करने का दोषी ठहराया गया था।

जज एम. एम. सुंदरेश और जज प्रसन्ना बी.

वराले की बेंच ने तेजपाल के ईमेल और मैसेज सहित अन्य दूसरे सबूतों पर गौर करने के बाद उनकी अर्जी खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान बेंच का मानना था कि उनकी सजा पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस आधार नहीं बनता है। तेजपाल ने बॉम्बे हाई कोर्ट के छह अगस्त के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

हाई कोर्ट ने 2021 में ट्रायल कोर्ट द्वारा तेजपाल को बरी किए जाने के फैसले को पलटते हुए उन्हें इस मामले में दोषी ठहराया था। तेजपाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने घटना के बारे में पीड़िता के बयान पर सवाल उठाए। वकील ने खास तौर पर पीड़िता के उस आरोप पर सवाल किया कि कथित हमले के दौरान लिफ्ट के दरवाजे नहीं खुले थे।

सिब्बल ने दलील दी कि तकनीकी सबूतों से पता चलता है कि जिस दो मिनट नौ सेकंड के दौरान यह कथित घटना हुई, उस समय लिफ्ट के दरवाजे दो बार खुले थे। उन्होंने कहा कि होटल मैनेजर और मित्सुबिशी के कर्मचारियों ने गवाही दी है कि लिफ्ट के दरवाजे हर मंजिल पर अपने आप खुल जाते थे और बटन दबाकर उन्हें बंद नहीं रखा जा सकता था।

तरुण तेजपाल की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने जांच पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी वो सीसीटीवी फुटेज जब्त करने में नाकाम रहे। इस फुटेज से यह पता चल सकता था कि लिफ्ट के दरवाजे खुले थे या नहीं।

उन्होंने यह भी दलील दी कि 22 नवंबर, 2013 को एफआईआर दर्ज होने से पहले पीड़िता ने घटना के बारे में छह अलग-अलग बयान दिए थे। आखिरी में यह भी कहा कि मुकदमे के दौरान तेजपाल जमानत पर थे और उन्होंने अपनी इस आजादी का कोई गलत इस्तेमाल नहीं किया। 'जनभावना के आधार पर जमानत तय नहीं हो सकती', केरलम मिनी कूपर हादसे में आरोपियों को HC से राहत देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें।

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समाचार स्रोत: DARSH NEWS

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