केरल हाई कोर्ट ने मिनी कूपर हादसे में जमानत दी। मुख्य आरोपी सुहैल सजीवन की रिहाई 10 दिन टली। कोर्ट ने कहा, फैसले कानून पर आधारित होते हैं।
डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। केरल हाई कोर्ट ने कोच्चि के पास पिछले महीने हुए हाई-प्रोफाइल 'मिनी कूपर' कार हादसे के मामले में तीन आरोपियों को जमानत दे दी है। इस हादसे में तीन युवाओं की मौत हो गई थी।
इसके साथ ही कोर्ट ने मुख्य आरोपी सुहैल सजीवन की रिहाई को 10 दिनों के लिए टालने का निर्देश दिया है। मामले को लेकर जनता की तीखी प्रतिक्रियाओं पर कोर्ट ने कहा कि फैसले जनमत के आधार पर नहीं, बल्कि कानून और तय प्रक्रियाओं के हिसाब से होते हैं। यह आदेश मामले के सभी आरोपियों की ओर से दायर की गई जमानत याचिकाओं पर आया है।
कोर्ट ने साफ किया कि अन्य आरोपियों को तुरंत जमानत दे दी जाएगी। हालांकि, 19 वर्षीय सुहैल सजीवन - जो इस मामले का मुख्य आरोपी है और जिस पर शराब के नशे में कार चलाने का आरोप है उसे 10 दिनों के बाद ही रिहा किया जाएगा। सुनवाई के दौरान,केरल हाई कोर्ट ने नेडुम्बसेरी 'मिनी कूपर' हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
कोर्ट ने पूछा कि क्या मामले से जुड़े सभी सबूत जुटा लिए गए हैं ? इस पर अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि सबूत अभी भी जुटाए जा रहे हैं और जांच दो सप्ताह के भीतर पूरी हो सकती है। 11 अक्टूबर की तड़के कोच्चि के पास नेदुम्बसेरी में एक तेज रफ्तार मिनी कूपर कार के स्कूटर से टकरा जाने के कारण दो महिलाओं और एक पुरुष की मौत हो गई।
इन तीनों की उम्र लगभग 21 साल थी। हादसे के बाद सुहेल द्वारा पुलिस के सामने कथित तौर पर की गई कुछ टिप्पणियों की खबरें सामने आने पर, यह मामला लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बन गया। रिपोर्ट्स , दुर्घटना के बाद उसने कथित तौर पर कहा था उसके पिता इस मामले को संभाल लेंगे।
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