US Midterm Election Impact on Indian Stock Market: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद ग्लोबल शेयर बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। डेमोक्रेट्स को अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी House of Representatives और Senate में बहुमत मिलने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नतीजे स्वीकारने से बाजार में राजनीतिक अनिश्चितता कम हुई है।
इसका असर अमेरिकी बाजारों पर साफ दिखाई दिया। Dow Jones 1,200 अंकों से ज्यादा उछला, जबकि S&P 500 में 1. 73% और Nasdaq में 2.
16% की तेजी दर्ज की गई। इसका असर आज भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। GIFT Nifty ने पहले ही मजबूत शुरुआत के संकेत दिए थे।
ऐसे में Nifty और Sensex में gap-up opening की उम्मीद है। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में अच्छी तेजी के बाद भारतीय बाजार के ओवरबॉट जोन में पहुंचने से निवेशकों को थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। ऐसे में सवाल है कि क्या आज बाजार खुलते ही खरीदारी करना सही रहेगा?
Nifty और Sensex के लिए कौन से लेवल अहम होंगे और ट्रेडर्स को किस स्ट्रैटेजी के साथ कारोबार करना चाहिए? अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद बाजार में राजनीतिक अनिश्चितता कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। डेमोक्रेट्स की House और Senate दोनों में जीत को बाजार ने policy stability और बेहतर risk sentiment के तौर पर लिया।
इसके बाद अमेरिकी शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। Dow Jones 1,200 अंकों से ज्यादा चढ़ा। वहीं S&P 500 करीब 1.
73% और Nasdaq 2. 16% की बढ़त के साथ बंद हुआ। इस तेजी में बड़ी टेक कंपनियों का योगदान भी अहम रहा।
Alphabet के शेयर 7. 7% और Apple के शेयर 7. 9% उछले।
इसके अलावा Amazon और Microsoft के शेयरों में भी करीब 8% की तेजी देखने को मिली। हालांकि, बाजार की इस तेजी के बीच AI Infrastructure और Data Center Regulation को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं। Nvidia और CoreWeave जैसे शेयरों पर दबाव देखने को मिला।
ऐसे में भारतीय IT सेक्टर में भी एकतरफा तेजी की उम्मीद करने के बजाय चुनिंदा शेयरों पर नजर रखना बेहतर होगा। पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में भी अच्छी तेजी देखने को मिली थी। Nifty 50 करीब 150 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि Sensex में 384 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।
कोटक नियो के हेड ऑफ इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान के मुताबिक, बाजार का शॉर्ट टर्म ट्रेंड सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, इंडेक्स में तेजी के बाद ओवरबॉट कंडीशन बन गई है। ऐसे में ऊंचे स्तरों पर बाजार में कुछ समय के लिए सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है।
GIFT Nifty की मजबूती और अमेरिकी बाजारों में तेजी से भारतीय बाजार को सपोर्ट मिल सकता है। लेकिन gap-up opening के बाद मुनाफावसूली और उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। ।
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