धनतेरस पर भले ही शोरूम्स से ज्यादातर गाड़ियां बिक चुकी हों, लेकिन अगर आपका बजट ₹8 लाख (ऑन-रोड) तक है, तो 8–9 नवंबर को दिवाली के मौके पर नई कार की डिलीवरी अब भी मुमकिन है। मेट्रो शहरों में कुछ हैचबैक मॉडल्स का स्टॉक अभी भी बचा हुआ है। इस बजट में आप Alto K10, S-Presso, Celerio, Wagon R, Swift LXi, Tiago, Grand i10 Nios और Kwid जैसी कारों पर दांव लगा सकते हैं।
डीलर से डिलीवरी की पक्की तारीख और समय लिखित में लें। कागजों पर कार का VIN ईयर जरूर दर्ज कराएं और गैर-जरूरी एसेसरीज या जबरन थमाए जा रहे इंश्योरेंस कवर को लेने से साफ मना कर दें। दिल्ली-एनसीआर में ₹8 लाख के अंदर Alto K10, S-Presso, Celerio या Wagon R आसानी से मिल जाती हैं।
Swift LXi का बजट थोड़ा ऊपर जा सकता है, जब तक कि डिस्काउंट के जरिए एसेसरीज का खर्च कम न हो जाए। मुंबई में ज्यादा टैक्स की वजह से स्विफ्ट महंगी पड़ती है, इसलिए वहां Tiago या Grand i10 Nios के बेस मैनुअल वेरिएंट बेहतर विकल्प हैं। बेंगलुरु में ऐड-ऑन्स पर थोड़ा कड़ा मोलभाव करना पड़ सकता है; सफेद या सिल्वर रंग चुनने पर डिलीवरी जल्दी मिलने के चांस बढ़ जाते हैं।
चेन्नई में Tiago और Kwid का स्टॉक काफी स्थिर है, इसलिए गाड़ी का रंग आज ही फाइनल कर लें। ₹8 लाख के बजट में शहर-वार स्टॉक: 8–9 नवंबर की डिलीवरी के लिए चेकलिस्ट अगर आपको 8–9 नवंबर को ही डिलीवरी चाहिए, तो कार के वेरिएंट और रंग को लेकर थोड़े फ्लेक्सिबल रहें और डिलीवरी का कमिटमेंट लिखित में लें।
यह भी पक्का करें कि एग्रीमेंट में VIN मैन्युफैक्चरिंग ईयर, ओडोमीटर रीडिंग 150 किमी से कम होना और गाड़ी के यार्ड की जानकारी साफ लिखी हो। कार की प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) और नई तस्वीरों की मांग करें। फालतू किट हटवाएं और अगर डीलर न माने, तो उसके बदले एक्सटेंडेड वारंटी या फ्री सर्विस पैकेज मांग लें।
CNG वेरिएंट्स का स्टॉक थोड़ा कम है, इसलिए बिल का एक-एक ब्रेक-अप ध्यान से चेक करें। कम या जीरो डाउन-पेमेंट का ऑफर सुनने में भले अच्छा लगे, लेकिन भारी ब्याज और छिपे हुए खर्चों के चलते यह कार की कुल कीमत बढ़ा देता है। बैंक की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस चार्ज और लोन फोरक्लोजर के नियम पहले ही लिखित में ले लें।
मोटे तौर पर समझें तो 10. 5 प्रतिशत ब्याज दर पर 5 साल के लिए प्रति लाख रुपये की EMI लगभग ₹2,150 बैठती है। किसी भी पेपर पर दस्तखत करने से पहले डीलर के ऑफर को इस पैमाने पर परखें।
पुरानी कार की एक्सचेंज वैल्यू को अलग से तय करें ताकि भारी डिस्काउंट के चक्कर में आपका नुकसान न हो। शहर में रोज आने-जाने के लिए आसान और कम खर्च वाली कारें सबसे मुफीद होती हैं: Tiago और Grand i10 Nios के बेस मैनुअल वेरिएंट इस मामले में बिल्कुल सटीक बैठते हैं। अगर आप पहली बार कार खरीद रहे हैं और मेंटेनेंस का बिल कम से कम रखना चाहते हैं, तो Alto K10 या Renault Kwid पर विचार करें।
ज्यादा हेडरूम, टॉलबॉय डिजाइन और आसान एंट्री-एग्जिट चाहिए तो Wagon R सबसे सही रहेगी। CNG की तलाश है तो Wagon R या Celerio का स्टॉक चेक करें। मेट्रो शहरों में कार के साथ आने वाले टायर्स आमतौर पर 35,000–45,000 किमी तक चलते हैं; इनकी लाइफ बढ़ाने के लिए हर 8,000 किमी पर टायर्स को रोटेट कराते रहें और एयर प्रेशर सही बनाए रखें।
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