Vedant Poly Fabs का SME IPO आज यानी 4 नवंबर को बंद हो रहा है। 56. 68 करोड़ रुपये के इस IPO का प्राइस बैंड ₹88 से ₹94 तय किया गया है।
निवेशकों के लिए इसमें कम से कम एक लॉट यानी 1,200 शेयरों के लिए बोली लगाना जरूरी है, जिसके लिए ₹112,800 का निवेश करना होगा। कंपनी के शेयर NSE Emerge पर लिस्ट होंगे। T+3 नियमों के मुताबिक, इसकी लिस्टिंग सोमवार, 9 नवंबर को हो सकती है।
फिलहाल ट्रेडर्स आखिरी दिन आने वाली बोलियों और ग्रे मार्केट के इशारों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। मंगलवार तक इस IPO को धीरे-धीरे सब्सक्रिप्शन मिलता रहा, लेकिन यह पूरी तरह भर नहीं पाया। आंकड़ों के मुताबिक, कुल बोलियां करीब 0.
87 से 0. 94 गुना के बीच दर्ज की गईं। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा पूरी तरह भर गया है, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का हिस्सा लगभग पूरा होने वाला है और रिटेल कैटेगरी में करीब 0.
82 से 0. 85 गुना दांव लगे हैं। आमतौर पर SME IPO के आखिरी घंटों में बाजी पलट जाती है, इसलिए आखिरी समय में आने वाले आवेदन और कैटेगरी-वाइज आंकड़े देखना अहम होगा।
Vedant Poly Fabs SME IPO: प्राइस बैंड, लॉट साइज और पूरा टाइमलाइनNSE के SME e-IPO नियमों के तहत रिटेल और छोटे निवेशकों को आज शाम 5 बजे तक अपनी एप्लीकेशन जमा करके UPI मैंडेट अप्रूव करना होगा। सेबी के T+3 फ्रेमवर्क के हिसाब से गुरुवार को अलॉटमेंट फाइनल हो सकता है, वहीं शुक्रवार को डीमैट क्रेडिट और रिफंड की प्रक्रिया पूरी होगी।
इसके बाद सोमवार, 9 नवंबर को शेयरों की लिस्टिंग की उम्मीद है। IPO की अहम जानकारियों को आप नीचे दी गई टेबल में आसानी से समझ सकते हैं। अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में IPO का प्रीमियम (GMP) ₹11 से ₹15 के आसपास चल रहा है, जो अपर प्राइस बैंड से 12 से 16 फीसदी ज्यादा का संकेत देता है।
हालांकि, ये संकेत काफी उतार-चढ़ाव वाले होते हैं और एक्सचेंज इन्हें ट्रैक नहीं करता, फिर भी इनसे लिस्टिंग को लेकर बाजार के मूड का अंदाजा मिलता है। कंपनी के फंडामेंटल्स की बात करें तो यह B2B ग्राहकों के लिए मल्टीलेयर फिल्म्स, लैमिनेट्स, पाउच और दूध या तेल के पैक बनाती है, जिससे रोजाना की जरूरत की चीजों (स्टैपल्स) में इसकी स्थिर मांग बनी रहती है।
वैसे GMP को केवल एक संकेत ही मानें, कोई पक्का अनुमान नहीं। आज आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए जरूरी सलाह: शाम 5 बजे से पहले अपना UPI मैंडेट अप्रूव कर लें, इसके बाद बोली में बदलाव न करें और खाते में पर्याप्त बैलेंस जरूर रखें। अब तक मिले औसत सब्सक्रिप्शन को देखते हुए, लिस्टिंग गेन आखिरी दिन मिलने वाले रिस्पॉन्स और कैटेगरी-वाइज हिस्सेदारी पर निर्भर करेगा।
लंबी अवधि के निवेशक पैकेज्ड स्टैपल्स सेगमेंट में कंपनी के ऑर्डर और IPO से जुटने वाले पैसे के इस्तेमाल (वर्किंग कैपिटल आवश्यकताओं) पर ध्यान दें। इसके बाद गुरुवार शाम को आने वाले अलॉटमेंट अपडेट्स पर नजर रखें। ।
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