भोपाल, 6 नवंबर 2026: मध्य प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए करीब 63,296 करोड़ रुपये की लागत से पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इन पांच कॉरिडोर की कुल लंबाई 1,398 किलोमीटर होगी। मुख्यमंत्री डॉ.
मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने और उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की 49वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सड़कें विकास की जीवन रेखा हैं और प्रदेश के हर गांव, कस्बे तथा शहर को बारहमासी सड़कों से जोड़ना सरकार का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्टेट हाईवे, फोर लेन, सिक्स लेन, आठ लेन और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण से आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पांच फोर लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर पेव्ड शोल्डर के साथ विकसित करने की तैयारी है।
प्रस्तावित कॉरिडोर और उनकी लंबाई इस प्रकार है 1. भोपाल-मंदसौर: 258 किलोमीटर 2. सागर-सतना: 227 किलोमीटर 3.
जबलपुर-आशापुर: 358 किलोमीटर 4. भोपाल-ग्वालियर: 320 किलोमीटर 5. कटनी-सिंगरौली: 235 किलोमीटर इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 1,398 किलोमीटर और अनुमानित लागत करीब 63,296 करोड़ रुपये बताई गई है।
बैठक में जानकारी दी गई कि भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना और जबलपुर-आशापुर कॉरिडोर के लिए डीपीआर कंसल्टेंट फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। कंसल्टेंट की ओर से अलग-अलग अलाइनमेंट विकल्प दिए गए हैं और मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम बेहतर अलाइनमेंट के चयन की प्रक्रिया में है।
वहीं, भोपाल-ग्वालियर और कटनी-सिंगरौली कॉरिडोर के लिए डीपीआर कंसल्टेंट के चयन की निविदा प्रक्रिया चल रही है। संचालक मंडल ने पांचों कॉरिडोर की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने और व्यवहार्य पाए जाने पर उनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की अनुमति निगम को दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्माणाधीन परियोजनाओं की गति बढ़ाकर उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, नगरीय प्रशासन, ग्रामीण विकास, उद्योग विभाग और मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड पर भी काम करने और सड़क विकास से जुड़ी सभी संभावनाओं पर एक साथ आगे बढ़ने के निर्देश दिए। बैठक में निगम की प्रस्तावित राजमार्ग निधि का नाम बदलकर 'विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ' रखने का निर्णय भी लिया गया। संचालक मंडल की बैठक में सड़क विकास निगम के कामकाज और परियोजनाओं से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
* बीओटी योजना के तहत चार लेन जावरा-नयागांव परियोजना में 100 प्रतिशत इक्विटी के विनिवेश की अनुमति दी गई। * निगम के सुचारू संचालन के लिए मुख्य अभियंता के दो, महाप्रबंधक के तीन और उप महाप्रबंधक के पांच नए पद सृजित करने को मंजूरी मिली। * निगम में पदस्थ विधि सहायक का मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
* भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित पीएएम भवन (मध्यप्रदेश तिलहन संघ भवन) के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई। * निगम में स्वतंत्र संचालक की नियुक्ति को स्वीकृति मिली। * ऋण के माध्यम से उन्नयन की जाने वाली राज्य राजमार्ग और अन्य सड़क परियोजनाओं का स्वामित्व मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
* बीओटी (टोल), बीओटी (टोल एवं एन्यूटी), ओएमटी और यूजर फ्री योजनाओं के तहत सभी टोल प्लाजा पर कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को शुल्क से छूट देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। ।
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