गुरुवार, 05 नवंबर 2026 11:43 PM IST
DARSH NEWS
🌤️ 18°C
अंतर्राष्ट्रीय अखिल भारतीय 19,246 व्यूज

महंगी मिसाइलों का किफायती तोड़, कैसे काम करता है ग्लाइड बम; अमेरिका और भारत का प्लान तैयार

DARSH NEWS डेस्क • 05 Nov 2026, 07:05 PM IST
महंगी मिसाइलों का किफायती तोड़, कैसे काम करता है ग्लाइड बम; अमेरिका और भारत का प्लान तैयार

महंगे मिसाइलों का किफायती विकल्प हैं ग्लाइड बम। अमेरिका ERAM कार्यक्रम के तहत नए ग्लाइड बम बना रहा। भारत DRDO स्वदेशी SAAW, गौरव ग्लाइड बम विकसित कर रहा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूक्रेन संकट और पश्चिम एशिया में जारी लंबे संघर्षों ने आधुनिक युद्धनीति की एक बड़ी कमजोरी उजागर कर दी है- महंगे हथियारों पर अत्याधिक निर्भरता। बिना आमने सामने की लड़ाई में लंबी दूरी से लक्ष्यों को तबाह करने के लिए मिसाइलें बेहद कारगर तो हैं, लेकिन महीनों खिंचने वाले युद्ध में इनका अंधाधुंध इस्तेमाल किसी भी देश का रक्षा बजट बिगाड़ सकता है।

इसी वित्तीय और रणनीतिक दबाव के बीच दुनिया भर की वायु सेनाएं अब मिसाइलों के एक किफायती विकल्प ग्लाइड बम पर तेजी से काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत अमेरिकी वायु सेना ने अपने एक्सटेंडेड रेंज अटैक म्यूनिशन कार्यक्रम के तहत नए बिना इंजन वाले ग्लाइड बम विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया है।

वहीं भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन भी स्वदेशी तकनीकों के दम पर इस क्षेत्र में लंबी छलांग लगा चुका है। अमेरिकी वायु सेना ने लाइफ साइकिल मैनेजमेंट सेंटर के स्टैंड इन स्ट्राइक डिवीजन ने ERAM प्रोजेक्ट के तहत अनपावर्ड ग्लाइड बम और पावर्ड (इंजन वाले) विकल्पों के विकास की रूपरेखा तैयार की है।

यह प्रस्तावित बम लगभग 500 पाउंड वजनी होगा। इसमें करीब 50 किलोग्राम विस्फोटक वाला विशेष वॉरहेड लगाया जाएगा, जो लक्ष्य के अंदर तक घुसकर धमाका करने और टुकड़ों में बिखरने में सक्षम होगा। हथियार का न्यूनतम ग्लाइड रेशियो 10:1 और लक्षित रेशियो 15:1 तय किया गया है।

इसका सीधा मतलब है कि विमान से गिराए जाने के बाद यह बम अपनी ऊंचाई के मुकाबले 15 गुना ज्यादा क्षैतिज दूरी तय कर सकेगा। इसी ERAM प्रोग्राम के तहत यूक्रेन और अन्य सहयोगियों के लिए दो जेट पावर्ड क्रूज मिसाइल वेरिएंट्स पर भी काम चल रहा है, लेकिन अनपावर्ड ग्लाइड बम बड़े पैमाने पर लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए बेहद सस्ता साधन साबित होंगे।

अमेरिका के पास पहले से ही बोइंग का जॉइंट डायरेक्ट अटैक म्यूनिशन एक्सटेंडेट रेंज मौजूद है। इस तकनीक में साधारण गुरुत्वाकर्षण बमों पर खास पंख और गाइडेंस सिस्टम फिट कर दिया जाता है। ।

समाचार स्रोत: DARSH NEWS

पाठक प्रतिक्रियाएं

इस श्रेणी की अन्य ख़बरें

अंतर्राष्ट्रीय • अखिल भारतीय

भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों के लिए पासपोर्ट-वीजा नियमों में बड़ी ढील, गृह मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन

अंतर्राष्ट्रीय • अखिल भारतीय

'वे बहुत विनम्र इंसान हैं', अमेरिकी मिडटर्म में अब्दुल अल-सैयद की जीत पर कर्नाटक के भटकल में मना जश्न

अंतर्राष्ट्रीय • अखिल भारतीय

'विदेशों से पैसा और पाकिस्तान से कनेक्शन। ', केंद्रीय मंत्री ने CJP पर लगाया भारत-विरोधी फंडिंग का आरोप

अंतर्राष्ट्रीय • अखिल भारतीय

'चार गुना गढ़ी भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, बचाए 100 अरब डॉलर', अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने जारी की रिपोर्ट

अंतर्राष्ट्रीय • अखिल भारतीय

शादी पूरी तरह टूटने के आधार पर विदेशी अदालत का तलाक वैध नहीं :सुप्रीम कोर्ट ने ब्रिटेन से तलाक लेने वाले डॉक्टर की याचिका खारिज की

अंतर्राष्ट्रीय • अखिल भारतीय

दिल्ली-NCR पर मंडराया 'पाकिस्तानी धुएं' का संकट, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा; भारत के पंजाब से 4 गुना ज्यादा पराली जला रहा PAK

अंतर्राष्ट्रीय • अखिल भारतीय

ओमान में जहाज पर हमले में भारतीय की मौत, MEA बोला- नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले बंद हों

होम
राजनीति
खेल
सिनेमा
वायरल