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संपादकीय: चहुंओर फैले उजियारा

DARSH NEWS डेस्क • 07 Nov 2026, 11:15 PM IST
संपादकीय: चहुंओर फैले उजियारा

यह त्योहार हर किसी को यह भी स्मरण कराता है कि स्वयं को आलोकित-आनंदित करने के साथ इसका भी ध्यान रखें कि दूसरों के जीवन में भी खुशियों के दीप जलें और चहुंओर उजियारा फैले-प्रसन्नता का और सद्भाव का। दीपावली का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता महत्व और वैश्विक स्वीकार्यता।

यह पर्व सुख, शांति, समृद्धि और खुशियाँ बांटने का प्रतीक। अयोध्या दीपोत्सव के साथ विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के प्रयास। सुख, शांति, समृद्धि के साथ वैभव की आकांक्षा के सबसे बड़े पर्व दीपावली की छटा जिस तरह वर्ष दर वर्ष बढ़ती जा रही है, उससे इसकी स्वीकार्यता अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है।

विभिन्न देशों के शासनाध्यक्ष इस अवसर पर भारतीयों को शुभकामनाएं देते हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि विश्व जान रहा है कि दीपावली पुरातन एवं समृद्ध संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले भारत का सबसे बड़ा और अनूठा पर्व है। यह सही समय है कि इस त्योहार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाया जाए।

दीपावली में वे सारे तत्व हैं, जो इसे सबके आकर्षण का केंद्र बनाने की क्षमता रखते हैं। एक तो यह सबके सुख, शांति और समृद्धि की कामना करता है और दूसरे, जीवन के भीतर-बाहर छाए अंधकार को प्रकाशित करने की प्रेरणा प्रदान करता है। इसी कारण गांवों से लेकर शहरों तक देश का हर कोना दीवाली की रात प्रकाशमान हो जाता है।

कहीं दीयों की रोशनी से तो कहीं बिजली के रंगबिरंगे और झिलमिलाते प्रकाश से। यह त्योहार हर किसी को यह भी स्मरण कराता है कि स्वयं को आलोकित-आनंदित करने के साथ इसका भी ध्यान रखें कि दूसरों के जीवन में भी खुशियों के दीप जलें और चहुंओर उजियारा फैले-प्रसन्नता का और सद्भाव का।

इसी कारण दीपावली पर उपहारों और मिष्ठानों का आदान-प्रदान होता है। इसी के साथ आदान-प्रदान होता है शुभकामनाओं का। इसी क्रम में मित्रों-परिचितों, सगे-संबंधियों का स्मरण किया जाता है।

अपनों के साथ परायों के भी हित के बारे में सोचने और उनसे खुशियां साझा करने की भावना दीपोत्सव को और विशिष्ट बनाती है। यह वह भावना है, जिसकी आवश्यकता आज सारे विश्व को है। हर किसी को यह समझना ही होगा कि अपने सुख के साथ दूसरों के सुख की भी चिंता की जानी चाहिए।

वैसे तो हमारे सारे पर्व प्राचीन परंपराओं और प्रकृति के परिवर्तन के अनुरूप जीवनशैली को ढालने का संदेश देने के साथ हजारों वर्ष पुरातन संस्कृति का वाहक बने रहने के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन दीपावली यह कार्य कहीं अधिक प्रभावी रूप में करती है। चूंकि यह सबसे बड़ा त्योहार है, इसलिए यह अर्थव्यवस्था को विशेष संबल देने का भी काम करता है।

ऐसे त्योहार का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण बढ़े और दीपावली पर बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भारत आएं, इसके लिए सरकार को विशेष प्रयत्न करने चाहिए। इसलिए और भी, क्योंकि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की सदियों पुरानी आकांक्षा पूरी हो जाने और वहां प्रतिवर्ष दीपोत्सव को भव्य रूप में मनाए जाने के कारण उसका आकर्षण कहीं अधिक बढ़ गया है।

दीपोत्सव की आभा बढ़ने के साथ भारत और भारतीयों का वैभव बढ़े, इस कामना के साथ सभी को दीपावली की हार्दिक बधाई। संपादकीय आलेखapnibaatSat, 07 Nov 2026 11:23 PM (GMT+05:30)विचार: ट्रंप की हार से अच्छे दिनों की आस।

समाचार स्रोत: DARSH NEWS

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