कराची से केवल 50 किलोमीटर दूर स्थित चर्ना द्वीप पर लश्कर के आतंकियों को स्कूबा डाइविंग, कॉम्बैट स्विमिंग और पानी के भीतर ऑपरेशन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी समुद्री माहौल में हमले की ट्रेनिंग ले रहे हैं। चर्ना द्वीप पर आतंकियों को दी जा रही ट्रेनिंग।
26/11 मुंबई हमलों के दौरान भी आतंकी समुद्री रास्ते से ही भारत में घुसे थे। डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान से एक बार फिर भारत विरोधी साजिश का बड़ा पर्दाफाश हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट्स , पाकिस्तान द्वारा पनाह दिए गए आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कराची के पास समुद्री माहौल में हमले की ट्रेनिंग ले रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि आतंकियों को यह ट्रेनिंग पर्टयन और मौज-मस्ती की आड़ में दी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स , कराची से केवल 50 किलोमीटर दूर स्थित चर्ना द्वीप पर लश्कर के आतंकियों को स्कूबा डाइविंग, कॉम्बैट स्विमिंग और पानी के भीतर ऑपरेशन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
यह द्वीप अपनी खूबसूरती और डाइविंग साइटों के कारण पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है। ट्रेनिंग ले रहे इन आतंकियों को ऐसे दिखाया जाता है जैसे वे आम पर्यटक हों। इन्हें ट्रेनिंग देने का काम पाकिस्तानी मरकजी मुस्लिम लीग के सदस्य कर रहे हैं, जो लश्कर का ही एक प्रॉक्सी संगठन है।
ये आतंकी लश्कर के उस विंग का हिस्सा हैं, जिसे खुफिया एजेंसियां दावा मरीन विंग या सदा-ए-हुर्रियत के नाम से जानती हैं। साल 2008 के 26/11 मुंबई हमलों के दौरान भी लश्कर के आतंकी समुद्री रास्ते से ही भारत में घुसे थे। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि लश्कर के पास 2008 से ही एक छोटा समुद्री दस्ता था, लेकिन अब वह समुद्र के रास्ते बड़े पैमाने पर हमले करने की फिराक में है।
इससे पहले भी लश्कर के आतंकियों को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मंगला बांध और स्विमिंग पूल में ट्रेनिंग लेते देखा गया था। भारत की सुरक्षा एजेंसियां इस पूरी गतिविधि पर पैनी नजर रख रही हैं। गौरतलब है कि मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के मुरिदके में लश्कर के मुख्लाय सहित नौ प्रमुख आतंकी शिविरों को सटीक हमलों से तबाह कर दिया था।
दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर में काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर ने लश्कर के एक बड़े भर्ती मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। CIK की टीमों ने श्रीनगर, बडगाम, अनंतनाग और पुलवामा में छह अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। यह मॉडयूल सोशल मीडिया के जरिए स्थानीय युवाओं को भड़काकर आतंकी संगठन में शामिल कर रहा था।
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