दुर्गा पूजा पास मामले में मासआर्ट के सचिव ध्रुवज्योति बोस गिरफ्तार यूनेस्को के नाम पर प्रीव्यू शो और विशेष प्रवेश पास बेचने के जरिए वसूली का मामला करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी में ध्रुवज्योति बोस गिरफ्तार । दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो के नाम पर कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कोलकाता पुलिस की जांच तेज हो गई है।
पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में एफआईआर में नामजद मासआर्ट के सचिव ध्रुवज्योति बोस उर्फ शुभो को भी गिरफ्तार किया गया है। बुधवार शाम करीब 7:15 बजे पुलिस ने उसे तिरहट्टी बाजार इलाके से पकड़ा। पुलिस अब उससे पूछताछ कर इस पूरे मामले में उसकी भूमिका और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाएगी।
गौरतलब है कि, दुर्गा पूजा को यूनेस्को से मिली अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की मान्यता के बाद शुरू हुए कथित पास बिक्री के कारोबार से मासआर्ट संस्था ने वर्ष 2022 से 2025 के बीच प्रीव्यू शो और विशेष प्रवेश पास बेचने की व्यवस्था की थी। आरोप है कि इसके जरिए लोगों से मोटी रकम वसूली गई।
आरोप है कि कोलकाता के 24 चुनिंदा पूजा पंडालों में विशेष प्रवेश दिलाने के नाम पर आम लोगों को पास बेचे गए और यूनेस्को के नाम का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में जून 2026 में बहुबाजार थाने में शिकायत के आधार पर एफआइआर दर्ज की गई थी। इसमें इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुच्छंदा सेन और मासआर्ट से जुड़े पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।
28 अक्टूबर को ईडी कार्यालय में पूछताछ के बाद कोलकाता पुलिस ने इंद्रनील सेन को गिरफ्तार किया था। उन्हें बैंकशाल अदालत में पेश करने के बाद पुलिस हिरासत में भेजा गया। फिलहाल अदालत ने उन्हें 10 नवंबर तक पुलिस हिरासत में रखने का निर्देश दिया है।
पुलिस सूत्रों इस मामले में करीब 20 बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है। पुलिस अब इन खातों, संबंधित कंपनियों और परिवार के सदस्यों से जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ियां जोड़ रही है। जांच में यूनेस्को के साथ कथित समझौते का पहलू भी अहम हो गया है।
कोलकाता पुलिस ने इस संबंध में यूनेस्को से जानकारी मांगी थी। पुलिस के मुताबिक, यूनेस्को ने राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग के साथ आधिकारिक संवाद होने की बात स्वीकार की है, लेकिन किसी संस्था या विभाग के साथ व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए समझौता होने से इनकार किया है।
वहीं, पुलिस प्रीव्यू शो के लिए पास बिक्री, टेंडर प्रक्रिया और संबंधित कंपनियों को मिले भुगतान की भी जांच कर रही है। ।
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