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CEC को मिली ब्लैंकेट इम्यूनिटी पर याचिका दायर, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को भेजा नोटिस

DARSH NEWS डेस्क • 04 Nov 2026, 06:20 PM IST
CEC को मिली ब्लैंकेट इम्यूनिटी पर याचिका दायर, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को भेजा नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से मिली छूट को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को भेजा नोटिस। सुप्रीम कोर्ट ने CEC की कानूनी छूट पर जवाब मांगा।

केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया गया। वकील अरुण कुमार अग्रवाल ने याचिका दायर की है। डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र और चुनाव आयोग से एक याचिका पर जवाब मांगा है। इस याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों को उनके काम के दौरान लिए गए फैसलों के लिए किसी भी कानूनी कार्रवाई से मिली छूट को चुनौती दी गई है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची तथा जस्टिस वी.

मोहन्ना की बेंच ने वकील और एक्टिविस्ट अरुण कुमार अग्रवाल द्वारा दायर याचिका पर चुनाव आयोग और केंद्र को नोटिस जारी किया है। 'बार एंड बेंच' , यह यचिका 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' की धारा 16 की सवैधानिक वैधता को चुनौती देती है।

याचिका में कहा गया है, 'ऐसी पूर्ण छूट (ब्लैंकेट इम्यूनिटी) न होने के बावजूद, भारत निर्वाचन आयोग ने कई दशकों तक सफलतापूर्वक चुनाव कराए हैं। इससे पता चलता है कि आयोग अपने सदस्यों को कानूनी कार्रवाई से पूरी छूट दिए बिना भी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। ' इसमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्तों को परेशान करने वाली कानूनी कार्रवाईयों से बचाने का उद्देश्य कम सख्त उपायों से भी पूरा किया जा सकता है, जैसे कि बेबुनियाद शिकायतों के खिलाफ सुरक्षा उपाय और न्यायिक जांच की व्यवस्था।

इसलिए, पूर्ण छूट देना जरूरत से ज्यादा है और यह चुनाव आयोग की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आवश्यक दायरे से बाहर है। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह धारा CEC और अन्य चुनाव आयुक्तों के कार्यों के खिलाफ किसी भी तरह के सिविल या आपराधिक कानूनी उपाय को खत्म कर देती है।

उदाहरण के लिए, वह मतदाता जिसका नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटा दिया गया हो, वह उम्मीदवार जिसे किसी गलत इरादे से किए गए काम से नुकसान हुआ हो, या कोई ऐसा नागरिक जो आयोग के कामकाज और भ्रष्टाचार से पीड़ित हो, इन सभी के पास अब कोई कानूनी रास्ता नहीं बचेगा। देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें।

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समाचार स्रोत: DARSH NEWS

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