दुनिया भर में धार्मिक आजादी की निगरानी करने वाली अमेरिकी एजेंसी USCIRF ने भारत में गुरुद्वारों पर हमले और धार्मिक नेताओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में । दुनिया भर में धार्मिक आजादी की निगरानी करने वाली अमेरिकी सरकार की स्वयंभू एजेंसी यूएससीआइआरएफ एक बार फिर भारत को लेकर ऐसी आधारहीन बातें की हैं जो इस एजेंसी की वस्तुनिष्ठता पर एक बार फिर सवाल उठा दिया है।
भारत को लेकर पहले भी कई बार अनर्गल रिपोर्टें देने वाली इस एजेंसी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर लिखा है कि हाल के दिनों में भारत में कई गुरुद्वारों पर हमले हुए हैं और धार्मिक नेताओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई है। यही नहीं एजेंसी ने अमेरिकी सरकार से यह आग्रह किया है कि वह भारत को दी जाने वाले सुरक्षा मदद को इन हमलों से जोड़ना चाहिए यानी अगर भारत सरकार इन हमलों पर स्थिति साफ नहीं करती है तो उसे सुरक्षा मदद रोकनी चाहिए।
हालांकि, इसी एजेंसी ने अपने ही देश अमेरिका में मंदिरों और गुरुद्वारों पर होने वाले हमलों को लगातार नजरअंदाज किया है। भारत सरकार और विशेषज्ञ लंबे समय से अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोजन (यूएससीआइआरएफ) की रिपोर्टों को पक्षपातपूर्ण और बेबुनियाद बताते आए हैं। यूएससीआइआरएफ का भारत विरोधी रूख बहुत पुराना है।
खास तौर पर जब से इस एजेंसी के मुखिया पाकिस्तान मूल के डॉ. आसिफ महमूद बने हैं तब से यह लगातार भारत के आतंरिक मामलों पर टिप्पणी करके भारत व अमेरिका के संबंधों में विष घोलने का काम तेज कर दी है। कुछ दिन पहले इसने अपनी सालाना रिपोर्ट में आरएसएस और भारत की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी रा पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी।
भारत ने तब इस रिपोर्ट को एक सिरे से खारिज कर दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना रहा है कि यूएससीआइआरएफ की रिपोर्टें पक्षपातपूर्ण, अधूरी जानकारी और गलत समझ पर आधारित होती हैं। भारत का संविधान धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है और देश में विविध धर्मों के लोग साथ रहते हैं।
भारत सरकार ने देर शाम तक यूएससीआइएचआर की उक्त टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। एजेंसी ने जो बातें इस बार की हैं, उसका ना तो किसी पुलिस की रिपोर्ट में जिक्र है और ना ही किसी अन्य एजेंसी ने वैसा कुछ कहा है। पिछले महीने के पंजाब प्रांत के लुधियाना में दो गुरुद्वारों के करीब कुछ हिंसात्मक घटनाएं हुई थी लेकिन यह स्थानीय पुलिस ने इसे स्थानीय विवाद करार दिया था और इसे सिख विरोधी घटनाक्रम करार नहीं दिया गया था।
गौरतलब है कि इस एजेंसी ने अमेरिका में हिंदू मंदिरों, सिख गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों पर पिछले कुछ वर्षों में हुए हमलों, तोड़फोड़ और नफरत भरे अपराधों पर कोई सख्त टिप्पणी नहीं की है। अमेरिका में भी धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ घटनाएं दर्ज होती रही हैं, लेकिन यूएससीआइआरएफ की नजर मुख्य रूप से भारत सहित कुछ चुनिंदा देशों पर ही टिकी रहती है।
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