बृहस्पतिवार को जहाँ पूरा कस्बा ईद-उल-अजहा के जश्न और खुशियों में डूबा हुआ था, वहीं थाना फतेहपुर की महिला उप निरीक्षक (Sub-Inspector) मिथलेश राठौर ने खाकी का एक बेहद संवेदनशील और अनूठा चेहरा पेश किया। 

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त्योहार के इस पावन अवसर पर उन्होंने कस्बा छुटमलपुर की महिलाओं और बेटियों के बीच जाकर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया और पुलिस प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत किया।

महिला एसआई मिथलेश राठौर ने घर-घर जाकर और चौपाल लगाकर महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, घरेलू हिंसा कानून, साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों सहित आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों (1090 और 112) के बारे में विस्तार से समझाया। 

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उन्होंने महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा देते हुए कहा कि त्योहार खुशी का मौका है लेकिन सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है, इसलिए किसी भी परेशानी में बहन-बेटियां बिना डरे तुरंत पुलिस को सूचना दें क्योंकि फतेहपुर पुलिस 24 घंटे उनकी सेवा में तत्पर है।

ईद की नमाज के बाद आयोजित इस सराहनीय पहल की स्थानीय महिलाओं ने खुलकर प्रशंसा की। नगमा और शबाना जैसी स्थानीय महिलाओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहली बार किसी दरोगा को त्योहार के दिन अपने बीच पाकर उनका हौसला बढ़ा है और बेहद आसान भाषा में कानून समझने के बाद अब वे बिना किसी डर के हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला करेंगी। 

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इस अभियान की सफलता पर थाना प्रभारी निरीक्षक विरेन्द्र सिंह राणा ने भी मुहर लगाई और कहा कि महिला सशक्तिकरण पुलिस की प्राथमिकता है, और ईद का मौका इस जागरूकता के लिए सबसे सही था क्योंकि इस दिन महिलाएं बड़ी संख्या में एकजुट होती हैं।

पुलिस की इस मानवीय और सुरक्षात्मक पहल का राजनीतिक व सामाजिक स्तर पर भी स्वागत हुआ। कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष डॉ. शाजिया नाज ने महिला उप निरीक्षक मिथलेश राठौर के इस प्रयास को सलाम करते हुए इसे ही असली महिला सशक्तिकरण बताया। 

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उन्होंने देवबंद-सहारनपुर क्षेत्र की बेटियों का हौसला बढ़ाते हुए संदेश दिया कि बिना बेटियों को जागरूक किए सामाजिक न्याय का संकल्प अधूरा है। 

उन्होंने क्षेत्र की सभी महिलाओं से पढ़ने, आगे बढ़ने और अपने हक के लिए लड़ने का आह्वान करते हुए विश्वास दिलाया कि पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ वे खुद भी उनकी मदद के लिए 24 घंटे खड़ी हैं।

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