अभिजीत सावंत ने शेयर की दीवाली की यादें/ फोटो- इंस्टाग्राम अभिजीत सावंत पहली बार घर पर दीवाली पार्टी शिल्पा मुंबई के लोकल मार्केट जाकर खरीदती हैं चीजें पहली बार अभिजीत ने शिल्पा के लिए गाया था ये गाना दीपेश पांडेय, नई दिल्ली। आशिक बनाया आपने, तीस मार खां और ढिशूम समेत कई फिल्मों के गाने गा चुके गायक अभिजीत सावंत इस साल पहली बार अपने घर पर दीवाली पार्टी रख रहे हैं।
ऐसे में अभिजीत और उनकी पत्नी शिल्पा सांवत दोनों पर बड़ी जिम्मेदारी है। अभिजीत इन दिनों सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल: लीजेंड रिटर्न में अपनी गायिकी का जलवा दिखा रहे हैं। ऐसे में उनसे और उनकी पत्नी शिल्पा से दीवाली की तैयारियों, परंपराओं और बजट को लेकर विशेष बातचीत।
अभिजीत: दीवाली का त्योहार अक्सर घर में रहकर परिवार के साथ मनाते हैं। हम अगर किसी के घर जाते भी हैं तो लंच के लिए ही जाते हैं। रात में दीये जलाकर, पटाखे फोड़ते हुए दीवाली मनाते हैं।
अब हाउस पार्टी जैसी चीजों के कारण दीवाली का उत्सव एक अलग दिशा में जा रहा है, लेकिन इससे यह अच्छा भी हो गया है कि उन दोस्तों से भी मुलाकात हो जाती है, जिनसे कई बार पूरे साल नहीं मिलना होता है। शिल्पा: हमारे यहां पहली अंगोल की रस्म (दीवाली की सुबह परिवार के सदस्यों को उबटन और तेल लगाने के बाद नहाने की रस्म) अभिजीत की मम्मी ही करती हैं।
आमतौर पर शादी के बाद पति को अंगोल पत्नी लगाती है, लेकिन मैंने मम्मी से कहा था कि यह आपका ही अधिकार है तो वही हम सभी को लगाती हैं। इसके बाद हम साथ में फराल (स्नैक्स) खाते हैं। मैं घर में लक्ष्मी पूजा करती हूं, जहां मैं अपनी दोनों बेटियों का गृहप्रवेश कराती हूं, उनके पैरों के पदचिन्ह घर में करवाती हूं।
इसके बाद हम उनकी आरती करते हैं। अभिजीत: दीवाली की शॉपिंग हम दोनों ही संतुलित तरीके से करते हैं। यह पहला साल है, जब हम थोड़ा ज्यादा ही खर्च कर रहे हैं, क्योंकि इस साल हम पहली बार अपने घर पर दीवाली की पार्टी रख रहे हैं।
इस बार थोड़ा ज्यादा खर्च होने वाला है। अगर उसे छोड़ दें तो शॉपिंग में हम दोनों एक-दूसरे की पसंद का ध्यान रखते हैं। शिल्पा: दीवाली की शॉपिंग के लिए मैं क्रॉफेट मार्केट (मुंबई का एक मशहूर बाजार) जाती हूं और वहां अपनी पहचान के कुछ थोक विक्रेताओं से शॉपिंग करती हूं।
मैं ज्यादा महंगी जगहों से शॉपिंग नहीं करती हूं। शॉपिंग से पहले मैं अपना बजट और मुझे क्या-क्या चीजें खरीदनी हैं, यह भी तय करती हूं। अभिजीत: दीवाली के समय ज्यादातर नोकझोंक इसी बात को लेकर होती है कि इस बार खाने-पीने की चीजों में महाराष्ट्रीय फराल (स्नैक्स) में क्या-क्या चीजें होनी चाहिए।
उसमें क्या चीजें ज्यादा और क्या कम होनी चाहिए। मुझे शक्कर पाली, चकली ज्यादा पसंद हैं तो शिल्पा को दूसरी चीजें पसंद हैं। ।
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