मिहिर आहूजा ने दिलवाली दीवाली पर की बात। फोटो क्रेडिट- एक्स कल रिलीज हो रही मिहिर आहूजा की फिल्म 'दिलवाली दीवाली' मनोज पाहवा और नीलू कोहली भी हैं फिल्म का हिस्सा इस बार जमशेदपुर में दीवाली नहीं मना पाएंगे मिहिर दीपेश पांडेय, मुंबई। सरजमीं, विजय 69 और वेब सीरीज सफेद सागर के अभिनेता मिहिर आहूजा (Mihir Ahuja) के लिए इस दीवाली थोड़ी खुशियां और थोड़े गम दोनों रहने वाले हैं।
खुशियां इस बात की कि उनकी फिल्म दिलवाली दीवाली (Dilwali Diwali) प्रदर्शित हो रही है, गम इस बात का कि वह अपने घर जमशेदपुर नहीं जा पाएंगे। अपनी दीवाली के बारे में मिहिर बताते हैं, "मेरी दीवाली आमतौर पर मेरे जमशेदपुर वाले घर पर ही बीतती है। मेरे पापा की दुकान है।
हर साल हम वहां जाकर लक्ष्मी पूजा करते हैं। दीवाली पर हमारा पूरा परिवार, चचेरे भाई-बहन सब एक दूसरे से मिलते हैं, सभी एक जगह इकट्ठा होते हैं। ऐसे में बहुत सारी पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं, सभी एक-दूसरे के बचपन से जुड़े किस्से सुनाते हैं।
साथ में क्रिकेट, बैटमिंटन समेत कई खेल खेलते हैं। इस साल मैं वहां नहीं जा पा रहा हूं, क्योंकि मेरी फिल्म रिलीज हो रही है। मेरी कोशिश है कि इस साल मम्मी-पापा को यहां बुलाऊं।
" अपनी दीवाली की तैयारियों पर मिहिर कहते हैं, "दीवाली पर ज्यादातर मैं भारतीय पारंपरिक या इंडो वेस्टर्न कपड़े पहनना पसंद करता हूं। दीवाली के कपड़े डिजाइनर से हो या कहीं लोकल से खरीदे हैं, मेरे लिए प्राथमिकता यही है कि वो पहनने में सहज होने चाहिए। इतना सहज होना चाहिए कि उन्हें आराम से पहन सकूं और उन्हें पहन कर बिना किसी परेशानी के आ जा सकूं।
मैं तो हर तरह के कपड़े पहनने के लिए तैयार रहता हूं, बस यह इस पर निर्भर करता है कि वो कपड़े पहनकर मैं किसी तरह के समारोह या पार्टी में जा रहा हूं। डिजाइनर कई बार स्वयं मुझसे संपर्क करते हैं, उनमें से मैं किसको हां बोलूंगा, वो उनके कपड़ों पर निर्भर करता है। " अपनी कमाई से दीवाली के लिए खरीदे पहले कपड़े के बारे में मिहिर बताते हैं, "मुझे याद है कि मैंने एक काले रंग की शेरवानी ली थी।
साल 2017 में मैं मुंबई आया था और साल 2018 में मुझे मेरा पहला विज्ञापन मिला था। उसके बाद मैंने अपने कमाई से दीवाली पर वह शेरवानी खरीदी थी। वो शेरवानी मैंने अभी भी रखी है, (हंसते हुए) ये अलग बात है कि अब वो फिट नहीं आती है।
" अपनी फिल्म दिलवाली दीवाली के बारे में मिहिर बताते हैं, "यह पूरी परिवारिक और दीवाली के त्योहार को समर्पित कहानी है। इसमें हर परिवार में होनी वाली खट्टी-मीठी पारिवारिक नोक झोक है, सिर्फ एक घंटे की फिल्म है। इस फिल्म में मनोज पाहवा और नीलू कोहली जैसे कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला, जो किसी भी सीन में रहकर उसका स्तर काफी बढ़ा देते हैं।
"।
पाठक प्रतिक्रियाएं