दीवाली के ऐन मौके पर नई बाइक खरीदने की सोच रहे हैं, तो रॉयल एनफील्ड हंटर 350 (Royal Enfield Hunter 350) आपकी लिस्ट में सबसे ऊपर हो सकती है। आज की बात करें तो इसके बेस वेरिएंट की ऑन-रोड कीमत दिल्ली में लगभग ₹1. 60 लाख, मुंबई में ₹1.
65 लाख, बेंगलुरु में ₹1. 76 लाख और चेन्नई में ₹1. 65 लाख के आसपास है।
वहीं, कलर और ट्रिम के हिसाब से इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹1. 38 लाख से ₹1. 72 लाख तक जाती है।
अगर आप इसे फाइनेंस कराने का मन बना रहे हैं, तो रॉयल एनफील्ड के आधिकारिक पर-लाख ग्रिड से EMI का हिसाब-किताब आसानी से समझ सकते हैं। उदाहरण के लिए, ₹1. 65 लाख ऑन-रोड कीमत पर अगर आप ₹15,000 का डाउन पेमेंट करते हैं, तो ₹1.
50 लाख का लोन अमाउंट बनेगा। इस पर 36 महीने के लिए ₹4,979, 48 महीने के लिए ₹3,873 और 60 महीने के लिए ₹3,249 की मासिक किश्त (EMI) बनेगी। वहीं, ₹25,000 का डाउन पेमेंट देने पर EMI घटकर क्रमशः ₹4,646, ₹3,615 और ₹3,032 रह जाती है।
अगर आप ₹50,000 का डाउन पेमेंट देते हैं, तो किश्तें और कम होकर ₹3,817 (36 महीने), ₹2,969 (48 महीने) और ₹2,491 (60 महीने) पर आ जाएंगी। Royal Enfield Hunter 350: EMI, डाउन पेमेंट और चार्ज से जुड़ी पूरी डिटेल कंपनी के पार्टनर फाइनेंसर्स के जरिए बाइक की ऑन-रोड कीमत पर 100% तक लोन तो मिल जाता है, लेकिन बैंक अलग से प्रोसेसिंग फीस वसूलते हैं।
मौजूदा रेट्स की बात करें तो HDFC बैंक 2. 5% तक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) 2%, ICICI बैंक 4% तक और बजाज ऑटो क्रेडिट 5% तक प्रोसेसिंग फीस ले रहे हैं। इसलिए लोन पेपर साइन करने से पहले डीलर से डॉक्यूमेंटेशन शुल्क, हाइपोथिकेशन और स्टाम्प ड्यूटी की पूरी ब्रेकअप लिस्ट जरूर मांग लें।
इस बार दीवाली रविवार, 8 नवंबर को है और त्योहार के दिन डिलीवरी देने के लिए डीलर्स खास स्लॉट दे रहे हैं; ऐसे में समय की लिखित पुष्टि जरूर लें। अगर आपकी पहली पसंद वाला कलर उपलब्ध नहीं है, तो आप उससे मिलते-जुलते विकल्प जैसे ग्राफाइट ग्रे (Graphite Grey), डैपर ग्रे (Dapper Grey) या टार्मक ब्लैक (Tarmac Black) चुन सकते हैं।
इसके अलावा रेट्रो ट्रिम में फैक्टरी ब्लैक (Factory Black) का ऑप्शन भी है। हाल ही में कार-बाइक खरीदने वालों के अनुभवों के मुताबिक कुछ शहरों में 30 से 60 दिनों तक का वेटिंग पीरियड चल रहा है। डिलीवरी लेने से पहले स्टीयरिंग हेड पर लगे VIN नंबर को जरूर जांचें और पक्का करें कि 2026 मॉडल के लिए उसमें मॉडल-ईयर कोड अक्षर 'T' लिखा हो।
खरीदारी करते समय दो बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। पहला, डीलर आपको अपना इन-हाउस इंश्योरेंस लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकता; आप बाहर से भी रेट पता कर सकते हैं। याद रखें, नए टू-व्हीलर के लिए 5 साल का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है।
दूसरा, अगर आपने खुद एक्सेसरीज नहीं मांगी हैं, तो जबरन थपे जा रहे एक्सेसरीज चार्जेस देने से साफ मना कर दें। फाइनल बिल बनने से पहले हर खर्चे की ब्रेकअप रसीद मांगें, 8 नवंबर की डिलीवरी का लिखित स्लॉट लें, और कागजों से कार के VIN, इंजन नंबर और कलर का मिलान जरूर कर लें।
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