सुप्रीम कोर्ट 19 नवंबर को चुनाव आयोग के 'फॉर्म 6' स्पष्टीकरण पर सुनवाई करेगा, जिसमें दिल्ली मतदाता सूची से छूटे नाम दोबारा जुड़वाने का प्रावधान है। याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट 19 नवंबर को करेगा सुनवाई सुप्रीम कोर्ट 19 नवंबर को 'फॉर्म 6' मामले पर सुनवाई करेगा। चुनाव आयोग ने दिल्ली मतदाता सूची के लिए स्पष्टीकरण दिया था।
याचिकाकर्ताओं ने आयोग के स्पष्टीकरण पर आपत्ति जताई है। डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह 19 नवंबर को उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, जो चुनाव आयोग के हालिया स्पष्टीकरण को लेकर आई हैं।
चुनाव आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में कहा था कि दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान जिन मतदाताओं का नाम मसौदा मतदाता सूची से छूट गया था, वे ‘फार्म 6’ के जरिये अपना नाम फिर से जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची व वी.
मोहना की पीठ ने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है। साथ ही, पीठ ने याचिकाकर्ताओं अंजलि भारद्वाज और अमृता जौहरी से कहा कि वे एक उचित आवेदन दायर करें, जिसमें चुनाव आयोग के तीन नवंबर के स्पष्टीकरण को रिकार्ड पर रखा जाए।
याचिकाकर्ताओं के वकील प्रशांत भूषण ने अदालत को बताया कि निर्वाचन आयोग की सफाई 28 अक्तूबर की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम 2026 की मतदाता सूची में थे, लेकिन बाद में एसआइआर प्रक्रिया के दौरान हटा दिए गए, उन्हें नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए मजबूर करने के बजाय ‘फार्म 8’ या गणना फार्म के माध्यम से अपना नाम फिर से जुड़वाने का मौका दिया जाना चाहिए।
निर्वाचन आयोग ने तीन नवंबर को राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गए अपने संदेश में स्पष्ट किया था कि जिन मतदाताओं के नाम मसौदा मतदाता सूची में नहीं हैं, वे अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए ‘फार्म 6’ जमा कर सकते हैं भले ही वे पहले मतदाता सूची में शामिल रहे हों या नहीं।
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