अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार मान लिया है कि ईरान के साथ जंग के असर की वजह से उनकी पार्टी रिपब्लिकन को हार का सामना करना पड़ा है। ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर माना है कि ईरान के साथ हुए सैन्य संघर्ष ने उनकी रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में भारी नुकसान पहुंचाया है।
हालांकि अपने कड़े रुख पर कायम रहते हुए ट्रंप ने साफ कहा कि अगर उन्हें दोबारा मौका मिला, तो वे फिर से वही फैसला लेंगे। ट्रंप का कहना है कि ईरान युद्ध ने मिडटर्म चुनाल हरवाया है लेकिन देश के लिए सौ बार ऐसा फैसला लेते रहेंगे। ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना देश की सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी था।
इसके लिए चाहे जो राजनीतिक कीमत चुकानी पड़े, वे पीछे नहीं हटने वाले हैं। ट्रंप ने बताया क्यों हारे मिडटर्म चुनाव? 4 नवंबर को व्हाइट हाउस में बन रहे नए बॉलरूम के निर्माण स्थल पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस बात से सहमत हैं कि ईरान युद्ध रिपब्लिकन की हार की बड़ी वजह बना।
इस पर ट्रंप ने कहा कि यह आकलन काफी हद तक सही है। Q: Vance said the reason Republicans lost was the war…. Trump: I think its largely true—If I had to do it again, Id have to do it again.
Q: Do you feel that it was worth it? Trump: Yeah. You have no choice.
https://t. co/82foMVPwm9 उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि जंग के कारण कुछ वक्त के लिए पेट्रोल की कीमतें बढ़ गईं। ईंधन महंगा होने से आम लोगों पर खर्च का दबाव बढ़ा।
इसका असर मतदाताओं के फैसले पर भी पड़ा। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सबसे पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि ईरान जंग और महंगे होते ईंधन की वजह से रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। ट्रंप के मुताबिक, युद्ध की वजह से कम समय के लिए पेट्रोल (गैसोलीन) की कीमतें अचानक बढ़ गईं।
इससे आम अमेरिकियों का बजट बिगड़ गया और लोगों ने महंगाई के गुस्से में सरकार के खिलाफ वोट डाला। इसके बावजूद ट्रंप को अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर वे खुद सीधे उम्मीदवार होते, तो नतीजा कुछ और ही होता।
कौन हैं अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बनने वाले अब्दुल अल-सैयद? ट्रंप ने कहा था 'जिहादी', भारत से गहरा नाता रिपब्लिकन पार्टी में दरार का संकेत: 2028 की तैयारी? जेडी वेंस का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।
आमतौर पर वाइट हाउस के भीतर की असहमतियां बाहर नहीं आतीं, लेकिन वेंस ने खुलेआम युद्ध के राजनीतिक नुकसान की बात कही। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि वेंस को 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से प्रबल दावेदार माना जा रहा है। ऐसे में चुनाव हारने के बाद पार्टी के अंदर अपनी अलग छवि बनाने और वोटरों के साथ सीधे संवाद करने की यह उनकी सोची-समझी रणनीति हो सकती है।
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