Bablu Srivastava News: कभी IAS अधिकारी या सेना में अफसर बनने का सपना देखने वाला ओम प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू श्रीवास्तव आज देश के चर्चित अंडरवर्ल्ड चेहरों में गिना जाता है। अपहरण, फिरौती और हत्या जैसे गंभीर मामलों में उसका नाम सामने आया। इतना ही नहीं, उसका नाम अंतरराष्ट्रीय अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से भी जुड़ा।
अब लखनऊ की CBI कोर्ट से उसे करीब 20 साल पुराने अपहरण के मामले में बड़ी राहत मिली है। अदालत ने कोलकाता के एक होटल मालिक के अपहरण से जुड़े मामले में शुक्रवार को उसे दोषमुक्त कर दिया। हालांकि, इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि वह जेल से रिहा हो गया है।
वह दूसरे मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। आइए, समझते हैं कि पढ़े-लिखे परिवार से आने वाला बबलू श्रीवास्तव अपराध की दुनिया में कैसे पहुंचा और उसकी जिंदगी के बड़े पड़ाव क्या रहे। 5 पॉइंट में समझिए बबलू श्रीवास्तव की कहानी।
बबलू श्रीवास्तव का असली नाम ओम प्रकाश श्रीवास्तव है। उसका जन्म उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक शिक्षित परिवार में हुआ था। उसके पिता विश्वनाथ प्रताप श्रीवास्तव एक कॉलेज में प्रिंसिपल थे, जबकि उसका बड़ा भाई भारतीय सेना में कर्नल बताया जाता है।
बबलू ने भी पढ़ाई की और उसके बारे में प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया है कि वह IAS अफसर बनना चाहता था। लेकिन बाद में उसका नाम उत्तर प्रदेश के अपराध जगत से जुड़ गया। उस पर अपहरण, फिरौती वसूली और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप लगे।
समय के साथ उसका नाम उत्तर प्रदेश से बाहर भी चर्चित हुआ और उसे मीडिया में 'किडनैपिंग किंग' कहा जाने लगा। बबलू श्रीवास्तव के अपराध की दुनिया में प्रवेश की कहानी में लखनऊ विश्वविद्यालय का दौर अहम माना जाता है। प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, 1980 के दशक में वह छात्र राजनीति और विश्वविद्यालय में सक्रिय गुटों के संपर्क में आया।
साल 1982 के छात्रसंघ चुनाव के दौरान उसके दोस्त नीरज जैन के समर्थन में प्रचार और विरोधी गुट से टकराव का जिक्र मिलता है। इसी दौरान चाकूबाजी की एक घटना और स्थानीय अपराधियों से बढ़ते संपर्कों की चर्चा भी रिपोर्टों में की गई है। इसके बाद बबलू का नाम स्थानीय गैंगों की प्रतिद्वंद्विता में सामने आने लगा।
बताया जाता है कि शुरुआती दौर में उसका विवाद अरुण शंकर शुक्ला उर्फ अन्ना से हुआ। बाद में वह अन्ना के विरोधी गुट से जुड़ा और फिर उसने अपना अलग नेटवर्क खड़ा कर लिया। बबलू श्रीवास्तव का गिरोह उत्तर प्रदेश से बाहर भी सक्रिय हुआ।
अपहरण कर फिरौती मांगने के आरोपों ने उसकी पहचान को व्यापक स्तर पर चर्चा में ला दिया। बाद में उसका नाम नेपाल और दुबई में मौजूद अपराध जगत के लोगों से भी जोड़ा गया। रिपोर्टों में मिर्जा दिलशाद बेग और दाऊद इब्राहिम के साथ उसके कथित संपर्कों का जिक्र मिलता है।
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