आईपीएल में खिलाड़ियों को अपनी टीम में बनाए रखने के लिए फ्रेंचाइजियों को हर बार बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। अगले साल होने वाले मेगा ऑक्शन से पहले यह चुनौती और बढ़ सकती है। कुछ बड़े खिलाड़ियों ने अपनी टीमों के सामने ऐसी शर्त रख दी है, जिसे पूरा करना हर फ्रेंचाइजी के लिए आसान नहीं होगा।
मामला सिर्फ रिटेंशन का नहीं, बल्कि टीम के बजट और भविष्य की रणनीति का भी है। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक आईपीएल के कुछ शीर्ष खिलाड़ियों ने अपनी फ्रेंचाइजियों के सामने रिटेन होने के लिए 40 करोड़ रुपये तक की मांग रखी है। कम से कम दो खिलाड़ियों ने कथित तौर पर अपनी टीमों को बता दिया है कि वे इतनी रकम मिलने पर ही साथ बने रहने के लिए तैयार होंगे।
माना जा रहा है कि आने वाले समय में कुछ और खिलाड़ी भी इसी रास्ते पर चल सकते हैं। इनमें से कम से कम एक खिलाड़ी की बड़ी मांग कप्तानी से भी जुड़ी हुई बताई जा रही है। हालांकि रिपोर्ट में खिलाड़ियों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।
ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि फ्रेंचाइजियां इतनी बड़ी रकम देने के लिए तैयार होती हैं या फिर खिलाड़ियों को नीलामी में उतरना पड़ेगा। नीलामी में पहले भी खिलाड़ियों ने हासिल की बड़ी रकम आईपीएल में ऐसा पहले भी हो चुका है, जब खिलाड़ियों ने रिटेंशन के बजाय नीलामी में जाने का फैसला किया।
2025 की मेगा नीलामी में ऋषभ पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि श्रेयस अय्यर पंजाब किंग्स के साथ 26. 75 करोड़ रुपये में जुड़े थे। इन दोनों ने अपनी पुरानी टीमों के साथ रिटेन होने का विकल्प नहीं चुना था।
150 करोड़ तक पहुंच सकता है टीमों का पर्स अगली मेगा नीलामी में फ्रेंचाइजियों का कुल पर्स करीब 150 करोड़ रुपये होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस रकम पर अभी औपचारिक चर्चा या अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल 2027 सीजन के लिए टीमों का पर्स 130 करोड़ रुपये है।
ऐसे में 150 करोड़ रुपये के अनुमानित पर्स में 40 करोड़ रुपये किसी एक खिलाड़ी पर खर्च करने का मतलब होगा कि फ्रेंचाइजी अपनी कुल रकम का एक चौथाई से ज्यादा हिस्सा उसी पर लगा देगी। आईपीएल में टीमों का पर्स 2008 में 20 करोड़ रुपये था, जो 2014 में 60 करोड़, 2018 में 80 करोड़, 2022 में 90 करोड़ और 2025 में 120 करोड़ रुपये हुआ।
इसके बाद 2027 के लिए इसे बढ़ाकर 130 करोड़ रुपये किया गया। खिलाड़ियों को कितनी रकम मिलेगी, यह सिर्फ फ्रेंचाइजियों की इच्छा पर निर्भर नहीं करेगा। बीसीसीआई के रिटेंशन नियम और खिलाड़ियों को बनाए रखने पर पर्स से होने वाली कटौती भी अहम होगी।
पिछली मेगा नीलामी में पांच खिलाड़ियों को रिटेन करने पर टीम के पर्स से 75 करोड़ रुपये काटे जाते थे। ।
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