France Protests 2026: फ्रांस में गुरुवार, 5 नवंबर को महंगाई, कम वेतन और शिक्षा के लिए कम बजट के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए। राजधानी पेरिस समेत देश के कई शहरों में छात्र, कर्मचारी और आम लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। दिनभर चले प्रदर्शनों के बीच कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई।
हालांकि, रात होते ही पेरिस के नेशन स्क्वायर पर नजारा बदल गया। यहां रंग-बिरंगी झांकियां निकाली गईं और लोगों ने जलती मशालों के साथ प्रदर्शन किया। आसमान में रोशनी छोड़ने वाले फ्लेयर्स भी चमकते दिखाई दिए।
एक ओर लोग अपनी मांगों के लिए आवाज उठा रहे थे, तो दूसरी ओर इस अनोखे आयोजन ने भी लोगों का ध्यान खींचा। गुरुवार रात नेशन स्क्वायर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। झांकियों और मशालों के साथ हुए इस आयोजन की तस्वीरें चर्चा में रहीं।
हालांकि, दिनभर के प्रदर्शन के दौरान पेरिस और लियोन में कुछ लोगों की पुलिस से झड़प हुई। प्रदर्शन खत्म होने के समय कुछ लोगों ने आग भी लगा दी, जिसे अधिकारियों ने बुझा दिया। प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या पर अलग-अलग दावे समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, फ्रांस के गृह मंत्रालय ने बताया कि देशभर में करीब 6 लाख लोगों ने प्रदर्शन किया।
वहीं, आंदोलन से जुड़ी यूनियन CGT ने दावा किया कि इसमें 16 लाख लोग शामिल हुए। दोनों के आंकड़ों में काफी अंतर है। इन प्रदर्शनों का मकसद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार पर दबाव बढ़ाना था।
कुछ सरकारी कर्मचारियों ने एक दिन की हड़ताल भी की। लोग बढ़ती महंगाई, कम वेतन और शिक्षा के लिए कम बजट से नाराज हैं। छात्र स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और शिक्षा पर अधिक खर्च चाहते हैं।
वहीं, कर्मचारी वेतन और पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यह आंदोलन सितंबर में एक हाईस्कूल में कर्मचारियों की कमी के विरोध से शुरू हुआ था। शुरुआत में छात्र शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे थे, लेकिन बाद में कर्मचारी भी इसमें शामिल हो गए।
प्रदर्शन और हड़ताल के कारण फ्रांस के करीब एक तिहाई हाईस्कूल बंद रहे या सामान्य रूप से काम नहीं कर सके। कुछ जगह छात्रों ने स्कूलों के रास्ते रोके और कई संस्थानों में शिक्षक हड़ताल पर रहे। सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ।
पेरिस का एफिल टावर गुरुवार को बंद रहा। इस आंदोलन में छात्र, कर्मचारी और रिटायर लोग भी शामिल हुए। ।
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