चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारत की विकास दर सात प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है, जो मजबूत घरेलू बिक्री और निर्यात से प्रेरित है। त्योहारी बिक्री और निर्यात से भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में । बाजार के दीपावली मनाने के बाद अब अर्थव्यवस्था भी दीपावली मनाने के लिए तैयार है।
दीपावली पर घरेलू स्तर पर वस्तुओं की भारी बिक्री और निर्यात में मजबूती को देखते हुए चालू वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में भी विकास दर सात प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 7. 8 प्रतिशत थी।
वित्त मंत्रालय का अनुमान है कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भी विकास दर 7. 35 रहेगी। पूरे वित्त वर्ष के लिए विश्व बैंक से लेकर आइएमएफ ने विकास दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
पिछले एक सप्ताह में बाजार में आई तेजी से निवेशकों की रकम में 29 लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है। यह दर्शा रहा है कि फिर से विदेशी निवेशक भारत का रुख कर रहे हैं। जानकार कह रहे हैं कि अमेरिका में बढ़ते वित्तीय दबाव और फेडरल रेट में और बढ़ोतरी के आसार को कम होता देख निवेशक भारत की ओर ही लौटेंगे।
डालर पर भी दबाव बढ़ रहा है, इससे भी भारतीय बाजार को मजबूती मिलेगी। पांच दिनों में सेंसेक्स में पांच हजार से अधिक अंक का इजाफा हुआ है। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने अक्टूबर से आरंभ होने वाले त्योहारी सीजन में देश भर में सात लाख करोड़ की विभिन्न वस्तुओं की बिक्री का अनुमान लगाया है।
ऑनलाइन प्लेटफार्म का मानना है कि दशहरा से दिवाली तक उनके प्लेटफार्म से 1. 5 लाख करोड़ से अधिक की बिक्री हो चुकी है। इससे 50 लाख से अधिक के रोजगार का भी सृजन हुआ।
कार की बिक्री लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। मारुति सुजुकी को उम्मीद है कि धनतेरस से लेकर 14 नवंबर तक 70,000 से अधिक कार की बिक्री होगी। ऑटोमोबाइल्स की बिक्री में पहले से दहाई अंक की बढ़ोतरी चल रही है।
रियल एस्टेट की बुकिंग में भी सात-आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी बताई जा रही है। त्योहारी सीजन में होने वाली बिक्री और मजबूत घरेलू मांग को देखते हुए आर्थिक विशेषज्ञ अब चालू वित्त वर्ष में 7. 5 प्रतिशत तक की विकास दर का अनुमान लगाने लगे हैं।
एसोचैम के मुख्य अर्थशास्त्री एस. पी. शर्मा कहते हैं, घरेलू बिक्री में मजबूती के साथ निर्यात और औद्योगिक उत्पादन में भी तेजी चल रही है।
तीसरी तिमाही में भी विकास दर सात प्रतिशत से ऊपर रहेगी और पूरे वित्त वर्ष में 7. 7 प्रतिशत से अधिक विकास दर हासिल करने की गुंजाइश है। जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में माहौल के शांत रहने और कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर से कम रहने पर भारतीय विकास दर वैश्विक अनुमानों से अधिक रहेगी।
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