राकांपा के दोनों गुटों के विलय को लेकर एक बार फिर अटकलें तेज राकांपा के महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे ने दिए इसके संकेत कहा, अजीत पवार जीवित होते तो इस साल फरवरी में ही हो गया होता दोनों गुटों का विलय 10 नवंबर के बाद शरद पवार से प्रफुल्ल पटेल की संभावित मुलाकात का वीडियो भी प्रसारित ।
प्रफुल्ल पटेल के अस्पताल में राकांपा (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार से मिलने और 10 नवंबर के बाद संभावित मुलाकात पर चर्चा करने का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। इसी बीच सत्ताधारी राकांपा के महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा है कि यदि अजीत पवार जीवित होते तो इस साल फरवरी में ही दोनों गुटों का विलय हो गया होता।
इन दो घटनाओं ने राकांपा के दोनों गुटों के विलय को लेकर एक बार फिर अटकलों को हवा दे दी है। फिलहाल सत्ताधारी राकांपा की कमान महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के पास है, जबकि विपक्षी 'महाविकास अघाड़ी' (एमवीए) गठबंधन का हिस्सा रही राकांपा (शरदचंद्र पवार ) का नेतृत्व शरद पवार कर रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए तटकरे ने कहा कि यदि अजीत पवार जीवित होते तो 12 फरवरी को ही दोनों राकांपा गुटों का विलय औपचारिक रूप से हो गया होता। राज्य के उप मुख्यमंत्री और राकांपा अध्यक्ष रहे अजीत पवार की 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी।
उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने राकांपा प्रमुख का पद संभाला और उप मुख्यमंत्री बनीं। तटकरे ने कहा कि अजीत दादा ने मुझे विलय को लेकर हो रही बातचीत और इसे कैसे अंतिम रूप दिया जाएगा, इस बारे में बताया था। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब राकांपा के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल का एक वीडियो प्रसारित हो रहा है।
इसमें वह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में शरद पवार से मुलाकात करते और 10 नवंबर के बाद संभावित बैठक पर चर्चा करते दिख रहे हैं। शरद पवार फिलहाल इसी अस्पताल में सीने के संक्रमण का इलाज करा रहे हैं। 85 वर्षीय शरद पवार से प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार रात अस्पताल में मुलाकात की थी।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब राकांपा के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात में पार्टी प्रमुख सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ व जय शामिल नहीं थे। शाह के साथ यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब ऐसी खबरें आ रही हैं कि राकांपा नेतृत्व पार्टी में पार्थ पवार के बढ़ते प्रभाव से खुश नहीं है।
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