दीवाली का पहला गाना 'सुरों की मल्लिका' कही जाने वाली सिंगर गीता दत्त (Geeta Dutt) ने 68 साल पहले गाया था। 'सुरों की मल्लिका' ने दी थी गाने को आवाज एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली के त्यौहार का सेलिब्रेशन शुरू हो चुका है और बिना म्यूजिक के ये फेस्टिवल भी अधूरा ही लगता है।
वैसे तो बॉलीवुड में कई गाने दीवाली के लिए बने हैं लेकिन क्या आप जानते हैं इस त्यौहार के लिए पहला गाना कब आया था और इसने किसने गाया था? हिंदी सिनेमा में दीपावली के त्योहार के लिए पहला गाना 68 साल पहले 1958 में आया था। इस सदाबहार गाने को सुरों की मल्लिका गीता दत्त (Geeta Dutt) ने अपनी आवाज से सजाया था।
गाने के बोल हैं- 'आंगन में तुलसी और जगमगाते दीप। ' (Aayi Diwali Aayi Song)। 1950 के दशक में रिलीज हुए इस गीत को आज करीब सात दशक बीत चुके हैं।
ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा के दौर में दिवाली के उल्लास और रोशनी के पारंपरिक स्वरूप को बड़े पर्दे पर बेहतरीन रूप में पेश करने वाले शुरुआती फिल्मी गीतों में यह गीत अपनी एक खास और ऐतिहासिक पहचान रखता है। इस गाने में आंगन में तुलसी पूजा और दीयों को रोशनी को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है।
यह गाना आज भी पुरानी यादों को ताजा कर देता है। यह गाना 1958 में रिलीज हुई फिल्म 'गूंज उठी शहनाई' का है। इस गाने का बेहतरीन संगीत म्यूजिशियन वसंत देसाई ने तैयार किया था और इसके लिरिक्स संगीतकार भरत व्यास ने लिखे थे।
'गूंज उठी शहनाई' (Goonj Uthi Shehnai) विजय भट्ट द्वारा निर्देशित 1958 की हिंदी फिल्म है, जिसमें राजेंद्र कुमार, अमिता, अनीता गुहा और आई. एस. जौहर मुख्य भूमिका में हैं।
फिल्म में वसंत देसाई का संगीत और भरत व्यास के गीत हैं और इस जोड़ी ने लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) और मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) द्वारा गाए गए 'जीवन में पिया तेरा साथ रहे' जैसे कई हिट गाने बनाए। रफी, और लता के 'तेरे सुर और मेरे गीत' और 'दिल का खिलोना है टूट गया'।
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