पटना, 6 नवंबर 2026: बिहार में दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को लेकर सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
इस दौरान उन्होंने सभी जिलों के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को त्योहारों के दौरान पूरी सतर्कता बरतने और व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के अवसर पर बड़ी संख्या में बिहार के लोग दूसरे राज्यों और विदेशों से अपने घर लौटते हैं।
सरकार की प्राथमिकता है कि उन्हें अपने गृह राज्य में सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिले तथा वे यहां सकारात्मक बदलाव महसूस करें। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व बिहार का गौरव और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख पर्व है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती करने का निर्देश दिया। सभी जिलों में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) गठित कर उन्हें सक्रिय और अलर्ट रखने को कहा गया है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास 24 घंटे गश्त तथा पुलिस पेट्रोलिंग प्रभावी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
बैठक में पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने बताया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए 16,000 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों, 1,500 PTC, होमगार्ड और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की अतिरिक्त तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, सार्वजनिक स्थलों और छठ घाटों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारियों को इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। छठ घाटों पर निर्धारित मानकों सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय स्वयंसेवकों को भी व्यवस्था में शामिल करने को कहा गया। गांवों के छठ घाटों पर स्थानीय तैराकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कहीं भी नंगे बिजली के तारों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से दलित एवं महादलित टोलों में जाकर लोगों के साथ पर्व मनाने की अपील की। साथ ही लोगों को त्योहार आपसी प्रेम, सद्भाव और उत्साह के साथ मनाने के लिए प्रेरित करने को कहा।
जिलाधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से नियमित मुलाकात कर उनकी समस्याएं और सुझाव गंभीरता से सुनने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कायाकल्प अभियान के तहत योजनाओं की संख्या दोगुनी कर दी गई है। जिलाधिकारी इन योजनाओं की लगातार निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी गांव विकास कार्यों से वंचित न रहे।
सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन सहित सभी जरूरी सार्वजनिक सुविधाओं को अभियान के दायरे में लाने का निर्देश दिया गया। ।
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