दीपावली से पहले अदाणी ग्रुप ने अपने प्रशंसकों को तोहफा दिया है। अब यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी लिक्विड स्टोरेज कंपनी इवोस होगी अदाणी समूह के पोर्टफोलियो का हिस्सा। करीब 2.
5 अरब यूरो वाले इस विशालकाय सौदे ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सनसनी मचा दी है। आपको बताते चलें कि अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने एक बड़े वैश्विक अधिग्रहण के तहत यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी स्वतंत्र लिक्विड (तरल) स्टोरेज ऑपरेटर कंपनी 'इवोस' (Evos B.
V. ) को खरीदने का समझौता किया है। इस ऑल-कैश सौदे (नकद समझौते) के तहत इवोस का एंटरप्राइज वैल्यू 2.
56 अरब यूरो (लगभग 27,200 करोड़ रुपये) आंका गया है, जबकि इक्विटी वैल्यू 1. 18 अरब यूरो है। इस रणनीतिक अधिग्रहण के साथ ही अदाणी पोर्ट्स का वैश्विक दायरा और मजबूत हो गया है, जिससे कंपनी अब 10 देशों में कुल 28 पोर्ट और टर्मिनलों का संचालन करेगी।
इवोस कंपनी का मुख्य कारोबार रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पोर्ट-आधारित लिक्विड स्टोरेज टर्मिनलों का संचालन करना है। यह प्लेटफॉर्म नीदरलैंड, जर्मनी, स्पेन, बेल्जियम और माल्टा जैसे प्रमुख यूरोपीय देशों में फैले 8 पोर्ट-आधारित टर्मिनलों का संचालन करता है। कंपनी के पास कुल 452 स्टोरेज टैंक हैं, जिनकी कुल क्षमता 6.
3 मिलियन क्यूबिक मीटर है। इसके अलावा, इसमें 63 वेसल और बार्ज बर्थ के साथ-साथ एम्सटर्डम के शिफ़ोल एयरपोर्ट और सेंट्रल यूरोप पाइपलाइन सिस्टम से जुड़े इंटीग्रेटेड पाइपलाइन कनेक्शंस भी शामिल हैं। इवोस का बिजनेस मॉडल दीर्घकालिक ग्राहक अनुबंधों, औसतन 99% की कमर्शियल ऑक्यूपेंसी (कब्जे) और टेक-ऑर-पे (Take-or-pay) तथा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से जुड़े समझौतों पर आधारित है, जिससे स्थिर आय सुनिश्चित होती है।
वित्तीय मोर्चे पर, इवोस ने कैलेंडर वर्ष 2025 (CY25) के दौरान 392 मिलियन यूरो का राजस्व (Revenue) और 219 मिलियन यूरो का EBITDA दर्ज किया, जिसका EBITDA मार्जिन 56% रहा। यह मजबूत मार्जिन APSEZ के अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स के मार्जिन की तुलना में अधिक है, जो इस सौदे को कंपनी के लिए बेहद फायदेमंद बनाता है।
इस अधिग्रहण पर बात करते हुए कंपनी से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह सौदा केवल भौगोलिक विस्तार नहीं है, बल्कि यूरोप के सस्टेनेबल एनर्जी ट्रांजिशन में सहयोग देने और वैश्विक लिक्विड स्टोरेज हब में मजबूत पकड़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस प्रस्तावित सौदे के लिए MUFG बैंक को एकमात्र अंडरराइटर बनाया गया है, जिसने 2.
8 अरब यूरो तक की फाइनेंसिंग कमिटमेंट दिया है। इस डील में लिंकलेटर्स और सिरिल अमरचंद मंगलदास ने क्रमशः अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कानूनी सलाहकार की भूमिका निभाई है। ।
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