दिल्ली के मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के एक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) पर 36 मतदाताओं के नाम फर्जी तरीके से कटवाने का आरोप लगा है। फर्जी तरीके से मतदाताओं के नाम कटवाने का मामला (प्रतीकात्मक फोटो) मुस्तफाबाद में 36 मतदाताओं के नाम फर्जी तरीके से काटे गए।
भाजपा बीएलए चंद्रशेखर नैनवाल पर फर्जी आवेदन का आरोप। तीन जीवित लोगों को मृत घोषित किया गया, 33 को स्थानांतरित। तेलंगाना में भाजपा के बीएलए पर एफआइआर के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान दिल्ली के मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में फर्जी तरीके से मतदाताओं के नाम कटवाने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि भाजपा के एक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) चंद्र शेखर नैनवाल ने 37 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए फॉर्म-7 भर दिए। जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की जांच में इनमें से 36 आवेदन फर्जी पाए गए। इनमें तीन ऐसे मतदाताओं के नाम भी शामिल थे, जिन्हें मृत घोषित किया गया था, जबकि जांच में तीनों जीवित मिले।
अन्य 33 मतदाताओं के बारे में दावा किया गया था कि वे अपने पते पर नहीं रहते और दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके हैं, लेकिन सत्यापन में ये सभी भी पंजीकृत पते पर ही मिले। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने संबंधित बीएलए के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
उधर, मुस्तफाबाद के विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने अधिकारियों की लापरवाही बताते हुए बीएलए को फंसाने का आरोप लगाया है। जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार , मुस्तफाबाद में मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए एक बीएलए की ओर से 37 फॉर्म-7 जमा कराए गए थे। इनमें से 33 के अपने मकान से शिफ्ट होने और तीन के मृत होने की जानकारी दी गई थी, जो गलत पाई गई।
इसके बाद एफआइआर दर्ज करवाने के लिए दयालपुर थाने में शिकायत दी गई है। साथ ही मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र के अन्य मतदान केंद्रों पर जमा कराए गए फार्म-7 के आवेदनों का भी सत्यापन कराया जा रहा है। ।
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