एक हालिया इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने कांग्रेस में गांधी परिवार के नियंत्रण और भाई-भतीजावाद के आरोपों पर सीधा जवाब देने से परहेज किया। भाई-भतीजावाद पर सोनिया गांधी ने दिया जवाब (फोटो-) सोनिया गांधी ने कांग्रेस में भाई-भतीजावाद के आरोपों को टाला। 1975 के आपातकाल को इंदिरा गांधी की गलती बताया।
यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार आरोपों पर मंत्रियों के इस्तीफे का जिक्र। डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एक हालिया इंटरव्यू में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने पार्टी पर गांधी परिवार के लगातार नियंत्रण और भाई-भतीजावाद (नेपोटिज्म) के आरोपों से जुड़े सवालों को टाल दिया।
सोनिया गांधी ने कहा कि नेतृत्व से जुड़ा यह सवाल पार्टी से ही पूछा जाना चाहिए। ब्रिटिश अखबार के साथ सोनिया गांधी का यह इंटरव्यू ऐसे समय में सामने आया है जब उनकी आत्मकथा 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' का एक संपादित अंश भी रिलीज होने वाला है। इंटरव्यू के दौरान सोनिया गांधी से यह सवाल किया गया कि कांग्रेस पार्टी गांधी परिवार के नेतृत्व के दायरे से बाहर क्यों नहीं निकल पा रही है, तो उन्होंने कहा कि आपको यह सवाल पार्टी से पूछना चाहिए।
उन्होंने भाई-भतीजावाद से जुड़े आरोपों पर भी सीधा जवाब देने से बचते हुए गोलमोल टिप्पणी की। उन्होंने कहा, हम सभी चुनाव लड़ते हैं; कभी जीतते हैं, तो कभी हारते हैं। हम सभी के साथ ऐसा हुआ है।
कांग्रेस पार्टी लगातार चुनावी हार का सामना कर रही है और देश में बीजेपी की हिंदुत्व विचारधारा प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में उभरी है। राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी को कई झटके लगे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी पर एक ही परिवार का वर्चस्व रहने के कारण कांग्रेस के लिए नेपोटिज्म और एलीट नेतृत्व के आरोपों से पीछा छुड़ाना बेहद मुश्किल हो गया है।
इसके बावजूद सोनिया गांधी का मानना है कि कांग्रेस आज भी बीजेपी के एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरने का माद्दा रखती है। वहीं, जब उनसे 2014 तक एक दशक तक सत्ता में रही यूपीए सरकार के कार्यकाल और उस दौरान लगे भ्रष्टाचार के विवादों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने बचाव की मुद्रा अपनाते हुए कहा कि लगभग हर मामले में संबंधित मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
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