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कभी नक्सलवाद का गढ़ था बस्तर, अब वहां जवानों संग दिवाली मनाएंगे PM मोदी, बस्तर दौरे के क्या हैं बड़े मायने?

DARSH NEWS डेस्क • 08 Nov 2026, 11:14 AM IST
कभी नक्सलवाद का गढ़ था बस्तर, अब वहां जवानों संग दिवाली मनाएंगे PM मोदी, बस्तर दौरे के क्या हैं बड़े मायने?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचकर नक्सल विरोधी अभियान में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाने जा रहे हैं। कभी वामपंथी उग्रवाद का बड़ा गढ़ रहे बस्तर में अब शांति और विकास की नई तस्वीर सामने आ रही है। पीएम मोदी ने अपने दौरे से पहले सोशल मीडिया पर इस बदलाव का जिक्र किया और जवानों के साहस, बलिदान और देश के प्रति उनकी सेवा को सलाम किया।

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि वह बहादुर सुरक्षा कर्मियों के साथ दिवाली मनाने बस्तर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस इलाके में कभी नक्सलवाद का दबदबा था, वहां अब विकास की गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं। उनका यह दौरा उन जवानों के सम्मान से भी जुड़ा है, जो चुनौतीपूर्ण हालात में देश की सुरक्षा में तैनात हैं।

बस्तर में PM मोदी की दिवाली, क्या है इस दौरे का संदेश? बस्तर लंबे वक्त तक नक्सली गतिविधियों का बड़ा केंद्र रहा है। यहां हिंसा के चलते आम लोगों की सुरक्षा के साथ विकास कार्यों पर भी असर पड़ा।

सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं को दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती रहा है। अब सुरक्षा हालात में सुधार के साथ इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। सरकार की रणनीति सिर्फ सुरक्षा अभियान तक सीमित नहीं है।

इसके साथ सड़क कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बिजली, संचार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। लालकृष्ण आडवाणी का 99वां जन्मदिन आज: 100वें साल में प्रवेश करते ही BJP ने बनाया खास प्लान, PM मोदी ने की तारीफ CRPF ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड, 12 महीने तक ऑपरेशन में कोई मौत नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर दौरे से पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक उपलब्धि की भी तारीफ की।

बल ने लगातार 12 महीने तक अपने अभियान के दौरान किसी जवान की मौत दर्ज नहीं होने का रिकॉर्ड बनाया है। सीआरपीएफ में आखिरी ऑपरेशनल मौत 30 अक्टूबर 2025 को हुई थी। इस उपलब्धि पर पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'एक शून्य, जो बहुत कुछ कहता है।

' सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह ने इसके पीछे बेहतर उपकरण, आधुनिक प्रशिक्षण, रणनीतिक योजना और मेडिकल सुविधाओं को वजह बताया। उन्होंने कहा कि घायल जवानों को तेजी से बेहतर अस्पतालों तक पहुंचाने की व्यवस्था से भी मदद मिली है। जीपी सिंह के मुताबिक, यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है क्योंकि सीआरपीएफ देश के बड़े अभियान वाले इलाकों में लगातार तैनात है और वहां ऑपरेशन के साथ अहम कामयाबी भी हासिल कर रही है।

उन्होंने देश को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए बल की प्रतिबद्धता दोहराई। केंद्र सरकार की नीति नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा कार्रवाई के साथ पुनर्वास पर भी जोर देती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई बार नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प दोहरा चुके हैं।

सरकार की नीति के मुताबिक, हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने वालों को मुख्यधारा में लौटने का मौका दिया जाएगा। वहीं, हथियार उठाकर आम नागरिकों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। ।

समाचार स्रोत: DARSH NEWS

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