Vivek Oberoi: विवेक ओबेरॉय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत में ही अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों के बीच खास पहचान बना ली थी। पहली ही फिल्मों से उन्हें बॉलीवुड के प्रतिभाशाली और तेजी से आगे बढ़ते अभिनेताओं में गिना जाने लगा था लेकिन करियर के शुरुआती दौर में हुए एक विवाद के बाद उनकी जिंदगी और फिल्मी सफर में बड़ा बदलाव आया।
अब एक्टर ने एक पॉडकास्ट में उस मुश्किल समय को याद किया है। बिना किसी का नाम लिए विवेक ओबेरॉय ने दावा किया कि विवाद के बाद उन्हें इंडस्ट्री में अलग-थलग कर दिया गया था। यहां तक कि उनके साथ काम करने की योजना बना रहे फिल्ममेकर्स को अंडरवर्ल्ड से धमकी भरे फोन तक आते थे।
'मेरी जिंदगी का सबसे बुरा दौर था' विवेक ओबेरॉय ने 'रीलर्न' पॉडकास्ट में अपने करियर के उस मुश्किल दौर पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आया जब बॉलीवुड में उनके लिए काम के मौके लगातार कम होने लगे और जिन फिल्मों से वह जुड़े हुए थे, उनसे भी लोग पीछे हटने लगे।
'गलत के खिलाफ आवाज उठाने के बाद मुझे परेशान किया गया' एक्टर ने उस दौर को अपनी जिंदगी का सबसे खराब समय बताते हुए कहा कि वह उस वक्त ऐसी बात के लिए खड़े हुए थे, जिसे वह सही मानते थे। उनके मुताबिक, कुछ सीमाएं कभी पार नहीं की जानी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना जरूरी है।
विवेक ओबेरॉय ने कहा कि गलत के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विवेक ओबेरॉय ने बातचीत में दावा किया कि उस समय एक प्रभावशाली लॉबी ने हालात अपने नियंत्रण में कर लिए थे। इसका असर उनके फिल्मी करियर पर भी पड़ा।
एक्टर जिन फिल्मों में काम करने की उनकी बातचीत चल रही थी, उनसे जुड़े लोगों ने अचानक अपने कदम पीछे खींच लिए। एक्टर ने बताया कि इंडस्ट्री में पहले उनके संपर्क में रहने वाले कई लोग भी धीरे-धीरे उनसे दूरी बनाने लगे। कुछ लोगों ने उन्हें फोन करके अपनी मजबूरी बताई और कहा कि उन्हें अंडरवर्ल्ड की ओर से धमकी भरे कॉल मिले हैं।
विवेक ओबेरॉय ने दावा किया कि फिल्ममेकर्स और उनसे जुड़े लोगों को धमकाया जाता था कि अगर उन्होंने विवेक ओबेरॉय के साथ काम किया तो उनका करियर और कारोबार बर्बाद कर दिया जाएगा। एक्टर के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें मानसिक और प्रोफेशनल लेवल पर काफी परेशान किया।
एक्टर ने कहा कि उन्होंने उस दौरान नर्क जैसी तकलीफें झेलीं और बेहद कठिन हालात का सामना किया। एक्टर ने ये भी साफ किया कि उस समय उन्हें काम न मिलना उनकी अभिनय क्षमता से जुड़ा मामला नहीं था बल्कि परिस्थितियां ऐसी थीं जिन पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था। विवेक ओबेरॉय ने अपने करियर में कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं।
'कंपनी' और 'साथिया' जैसी फिल्मों से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद वह 'कृष 3' जैसी बड़ी फिल्म का हिस्सा बने। हिंदी फिल्मों के अलावा उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी काम किया और 'विवेगम' और 'लूसिफर' जैसी फिल्मों में नजर आए।
।
पाठक प्रतिक्रियाएं