IMD Weather Update for Diwali 2026: दिवाली का त्योहार कल यानी 8 नवंबर को मनाया जाएगा। ऐसे में मौसम का हाल जानना आपके लिए जरूरी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दिवाली के दिन दक्षिण भारत के 5 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश होने की संभावना है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और राजस्थान में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी 8 नवंबर को बारिश से राहत मिलेगी। आइए जानते हैं दिवाली पर देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम कैसा रहने वाला है। File Photo दक्षिण भारत के 7 राज्यों में बारिश का अलर्ट IMD , 8 नवंबर को तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में बारिश हो सकती है।
केरल और लक्षद्वीप में कई जगहों पर बारिश का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। तटीय आंध्र प्रदेश समेत कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और उत्तराखंड में भी कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। यूपी-बिहार और दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में दिवाली के दिन मौसम शुष्क रहेगा। बिहार में भी 8 से 10 नवंबर तक बारिश का कोई अनुमान नहीं है। हालांकि, 11 नवंबर को कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
दिल्ली में 8 नवंबर को आसमान साफ रहने की संभावना है, लेकिन सुबह हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है। अधिकतम तापमान 28 से 30 और न्यूनतम 14 से 16 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। राजस्थान में भी बारिश या आंधी का कोई अलर्ट नहीं है।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में कब बदलेगा मौसम? हिमाचल प्रदेश में 8 और 9 नवंबर को मौसम शुष्क रहेगा। 10 से 13 नवंबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
12 और 13 नवंबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। वहीं, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 8 नवंबर को मौसम साफ रहेगा। 10 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और बर्फबारी शुरू हो सकती है।
11 से 13 नवंबर के बीच कई इलाकों में इसका असर दिखेगा। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ।
पाठक प्रतिक्रियाएं