अयोध्या में 10वें दीपोत्सव के मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की सरकार में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गईं और संतों पर लाठीचार्ज कराया गया, वे अब राम मंदिर जाने की बात कर रहे हैं।
ऐसे लोगों को अयोध्या आने से पहले रामभक्तों और संतों से माफी मांगनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या का अपमान करने वालों को अपने पुराने कामों पर पछतावा करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने शहर में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि अब अयोध्या को कोई उपेक्षित नहीं कर पाएगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि यहां भविष्य में कभी कर्फ्यू नहीं लगेगा और रामभक्तों पर गोली चलाने की नौबत नहीं आएगी। सीएम योगी ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या की गलियों को खून से रंगा, वे आज अपने लोगों को भी याद नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को कथा और मुशायरे का अंतर तक पता नहीं होता। कथा की अपनी मर्यादा और पवित्र परंपरा है। योगी ने कहा कि प्रभु राम सबको माफ करते हैं, लेकिन अहंकारी सत्ता को खत्म करने में देर नहीं लगाते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अयोध्या को केवल तीन घंटे बिजली मिलती थी, लेकिन आज यह स्मार्ट सिटी और सोलर सिटी बन रही है। धर्म पथ, भक्ति पथ, श्रीराम पथ और जन्मभूमि पथ दुनिया के लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में न कर्फ्यू लगेगा, न संतों का अपमान होगा और न रामभक्तों पर गोलियां चलेंगी।
सीएम योगी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक अयोध्या के लोगों की उपेक्षा हुई। अब शहर का विकास देखकर कुछ लोग परेशान हैं। उन्होंने अयोध्या को वैचारिक जीत बताया।
राम मंदिर परिसर में उत्तर से दक्षिण तक सभी पूजनीय हस्तियों की मौजूदगी का जिक्र करते हुए उन्होंने महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, माता शबरी और गिद्धराज जटायु का नाम लिया। योगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने राम का नाम दुनिया तक पहुंचाया। उन्हीं के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाया गया है।
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