पटना : बिहार में लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर राज्य सरकार ने व्यापक जन-जागरूकता और प्रचार अभियान की तैयारी की है। इसके तहत 10 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में विशेष 'छठ जन-जागरूकता अभियान' चलाया जाएगा। इस दौरान रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों और पटना मेट्रो में छठ पर्व के पारंपरिक गीत और जिंगल्स प्रसारित किए जाएंगे।
छठ महापर्व के गरिमामय और सुचारू आयोजन को लेकर बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से तैयार प्रचार-प्रसार और जन-जागरूकता की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार आने वाले श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुविधा के लिए सूचना तंत्र को सक्रिय और प्रभावी बनाया जाए।
विशेष अभियान के दौरान सभी प्रमुख सरकारी कार्यालय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर छठ पर्व से जुड़े सूचनात्मक जिंगल्स नियमित रूप से प्रसारित किए जाएंगे। सचिवालय स्थित कार्यालयों में केंद्रीय उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक छठ के पारंपरिक गीत सुनाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वागत के लिए राज्य के सभी रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और हवाई अड्डों पर छठ से संबंधित पोस्टर लगाए जाएंगे और पारंपरिक गीतों का प्रसारण होगा। पटना मेट्रो में भी यात्रा के दौरान छठ गीत और जिंगल्स नियमित रूप से बजाए जाएंगे। छठ महापर्व के अवसर पर बिहार आने वाले लोगों के स्वागत के लिए राज्य के सभी 18 सीमावर्ती जिलों के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर आकर्षक 'छठ स्वागत द्वार' बनाए जाएंगे।
इन जिलों में कैमूर, बक्सर, गया, नवादा, बांका, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, औरंगाबाद, पूर्वी चंपारण, किशनगंज, मुंगेर, जमुई, अररिया, कटिहार, सीवान, सारण, रोहतास और पूर्णिया शामिल हैं। इसके अलावा अन्य सभी जिलों को भी अपने प्रमुख प्रवेश मार्गों पर स्वागत द्वार बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का लक्ष्य छठ जन-जागरूकता अभियान को सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाना है। इसके लिए राज्य के सभी पंचायत सरकार भवनों में छठ पर्व से संबंधित पोस्टर, बैनर और रनर अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूरी कार्ययोजना को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ लागू किया जाए, ताकि छठ के अवसर पर बिहार आने वाले श्रद्धालुओं और नागरिकों को सुखद और भक्तिमय वातावरण का अनुभव हो।
बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव, संयुक्त सचिव और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया। ।
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