रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) ने बताया कि उन्होंने कुछ महीने पहले एक स्क्रिप्ट पर काम करना शुरू किया था, लेकिन यह अनुभव उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहा है। एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। एक्टिंग की दुनिया में अपनी छाप छोड़ने वाले बॉलीवुड के बेहतरी अभिनेता रणबीर कपूर अब अपने डायरेक्टोरियल डेब्यू के बारे में सोच रहे हैं।
फिलहाल वे नितेश तिवारी की 'रामायण: पार्ट 1' (Ramayana: Part 1) में भगवान राम के किरदार में नजर आ रहे हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) ने कैमरे के पीछे जाने की अपनी योजनाओं के बारे में बात की। हालांकि उन्होंने अपनी पहली फिल्म की सभी बारीकियां अभी तय नहीं की हैं, लेकिन रणबीर को यह पता है कि वह किस तरह की कहानी सुनाना चाहते हैं।
उन्हें उम्मीद है कि अपने मौजूदा एक्टिंग प्रोजेक्ट्स पूरे करने के बाद, वह अगले दो-तीन सालों में इस फिल्म की शूटिंग शुरू कर देंगे। रणबीर ने बताया कि उन्होंने कुछ महीने पहले एक स्क्रिप्ट पर काम करना शुरू किया था, लेकिन यह अनुभव उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहा।
लिखने के काम ने उन्हें उन लोगों के लिए एक नया सम्मान दिया है जो कहानियां रचते हैं और उन्हें पर्दे पर जीवंत करते हैं। उन्होंने एक निर्देशक होने की संतुष्टि के बारे में भी बात की, जहां उन्हें एक कहानी सुनाने के लिए अलग-अलग लोगों को एक साथ लाने का मौका मिलता है। इस काम में उन्हें क्या पसंद है, इस बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, 'मैंने कुछ महीने पहले ही एक स्क्रिप्ट लिखना शुरू किया है और इसे बनाना बहुत मुश्किल काम है।
मेरे मन में लेखकों और क्रिएटर्स के लिए बहुत सम्मान है। आप कोई चीज कैसे बनाते हैं? यह बहुत रोमांचक है, क्योंकि मेरा सच में मानना है कि एक म्यूजिशियन के बाद, अगर कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे क्रिएटिव काम से एक खास तरह की खुशी (हाई) मिलती है, तो वह डायरेक्टर है।
रणबीर अभी भी सोच रहे हैं कि डायरेक्टर के तौर पर उनकी पहली फिल्म कैसी होगी, लेकिन उन्हें इस बात का अच्छा आइडिया है कि वह किस तरह की कहानियां बताना चाहते हैं। उन्होंने अपनी पसंदीदा फिल्मों में लाइफ इज ब्यूटीफुल, इट्स अ वंडरफुल लाइफ और राजकुमार हिरानी की फिल्मों का जिक्र किया और कहा कि वह एक फैमिली ड्रामा बनाना चाहेंगे जो लोगों को एक अच्छा और फील-गुड एक्सपीरियंस दे।
उन्होंने यह भी बताया कि वह अपने एक्टिंग करियर और डायरेक्शन के बीच कैसे संतुलन बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं साल में सिर्फ 100-125 दिन काम करता हूं; मेरे पास कहानियां लिखने के लिए काफी समय होता है। मैं कभी इतना व्यस्त नहीं रहा, न ही कभी इतना कमिटेड रहा हूं।
अब तक ऐसा होता था कि एक फिल्म पूरी हुई, तो दूसरी पर काम शुरू कर दिया। लेकिन मुझे लगता है कि एक एक्टर के तौर पर यह मेरा आखिरी दशक है'। ।
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