भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ दिनों से एक अनुभवी तेज गेंदबाज के भविष्य को लेकर चर्चा चल रही थी। चोट से वापसी, घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और टीम इंडिया में जगह नहीं मिलने के बीच आखिरकार इस खिलाड़ी ने अपने करियर का एक बड़ा फैसला कर लिया। हम बात कर रहे हैं मोहम्मद शमी की, जिन्होंने 6 नवंबर को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया।
शमी के इस फैसले के बाद कई सवाल उठे। चर्चा होने लगी कि क्या भारतीय टीम में लगातार नजरअंदाज किए जाने के कारण उन्होंने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया? क्या बीसीसीआई या चयनकर्ताओं की तरफ से उन पर कोई दबाव था?
अब बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इन सवालों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। शमी ने अपनी मर्जी से लिया संन्यास का फैसला राजीव शुक्ला ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में साफ किया कि मोहम्मद शमी का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास पूरी तरह उनका व्यक्तिगत फैसला है। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई किसी भी खिलाड़ी पर संन्यास लेने के लिए दबाव नहीं बनाता।
शुक्ला ने शमी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टेस्ट और रेड बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। वह बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी रहे हैं और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान की जितनी तारीफ की जाए, कम है। उन्होंने शमी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
मोहम्मद शमी ने अपने 13 साल लंबे टेस्ट करियर का अंत 64 मुकाबलों में 229 विकेट के साथ किया। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया। उन्होंने 6 नवंबर 2013 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था और ठीक 13 साल बाद इसी तारीख को संन्यास की घोषणा की।
चोट से वापसी के बाद भी नहीं मिला टेस्ट टीम में मौका शमी फरवरी 2024 में एड़ी और एचिलीज की सर्जरी के बाद लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे। वापसी के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए शानदार प्रदर्शन किया। 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने सात मैचों में 37 विकेट हासिल किए, लेकिन इसके बावजूद भारतीय टेस्ट टीम में उनकी वापसी नहीं हो सकी।
शमी के संन्यास के बाद पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने भी निराशा जाहिर की थी। उनका मानना था कि शमी के अंदर अभी 30-40 टेस्ट विकेट लेने की क्षमता थी और उन्हें पिछले 12 महीनों में टेस्ट टीम में मौका मिलना चाहिए था। शास्त्री ने शमी की फिटनेस पर उठ रहे सवालों पर भी चर्चा की थी।
शमी ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, लेकिन वह वनडे और टी20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। यानी भारतीय फैंस उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट में अभी मैदान पर देख सकेंगे। ।
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