Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में दीपावली और दीपोत्सव के आयोजनों ने धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति की विविधता को भी प्रदर्शित किया। राम मंदिर में दर्शन-पूजन, सरयू तट पर दीप प्रज्ज्वलन, रामलीला की प्रस्तुतियां और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम उत्सव के प्रमुख आकर्षण रहे।
अयोध्या में दीपावली का उत्सव राम मंदिर से लेकर सरयू तट तक भक्ति और उल्लास के माहौल में मनाया गया। मंदिर परिसर में भगवान राम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। वहीं, दीपोत्सव के दौरान सरयू तट को दीपों से सजाया गया।
आयोजन से जुड़े दावों के मुताबिक, सरयू तट पर करीब 30 लाख दीपक जलाए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लिया और सफाईकर्मियों, नाविकों तथा जरूरतमंद परिवारों के बीच मिठाइयां वितरित कीं। इस बार अयोध्या का दीपोत्सव केवल दीप जलाने और पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहा।
यहां देश के अलग-अलग राज्यों की लोककलाओं, विदेशी कलाकारों की रामलीला प्रस्तुतियों और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भगवान राम की कथा को व्यापक मंच मिला। झारखंड के साहिबगंज की पुरानी रामलीला मंडली की प्रस्तुति भी आयोजन का विशेष आकर्षण रही। दीपावली के अवसर पर अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान राम के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में उत्सव का माहौल रहा। श्रद्धालुओं के लिए दीपावली का यह अवसर धार्मिक आस्था और रामलला के दर्शन से जुड़ा रहा। दूसरी ओर, सरयू तट पर दीप प्रज्ज्वलन ने अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को एक बार फिर केंद्र में ला दिया।
आयोजन से संबंधित जानकारी , यहां करीब 30 लाख दीपक जलाने का दावा किया गया। दीपों की रोशनी से घाटों और आसपास के क्षेत्रों में उत्सव जैसा दृश्य बना। अयोध्या के हैदरगंज स्थित विष्णु बाबा धाम में भी दीपावली पर विशेष आयोजन हुआ।
यहां 1,400 दीपक जलाए गए। इस तरह बड़े सार्वजनिक आयोजन के साथ स्थानीय धार्मिक स्थलों पर भी दीपावली की परंपरा निभाई गई। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
इस दौरान सफाईकर्मियों, नाविकों और वंचित परिवारों के बीच मिठाइयां वितरित की गईं। त्योहार के मौके पर इन वर्गों के लोगों के साथ खुशियां साझा करने का संदेश दिया गया। दीपावली के आयोजन में धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक सहभागिता पर भी जोर रहा।
अयोध्या में घाटों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर उत्सव की तैयारियां की गईं। दीपोत्सव के कार्यक्रमों ने शहर की धार्मिक पहचान और पर्यटन से जुड़े महत्व को भी रेखांकित किया। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दीपोत्सव को भारतीय संस्कृति और भगवान राम की कथा को दुनिया तक पहुंचाने वाले आयोजन के रूप में प्रस्तुत किया गया।
सरकार , दीपोत्सव का यह 10वां संस्करण था। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के कलाकारों के साथ विदेशी कलाकारों ने भी रामलीला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लिया। ।
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