UP CM Warns Drug Peddlers: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दीपावली के मौके पर कहा कि माफियाओं के बाद अब नशे के सौदागरों की बारी है। यूपी सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य से संगठित अपराध और माफियायों का सफाया किया जा चुका है। शासन का अगला लक्ष्य 'नशे के सौदागरों' का पूर्ण खात्मा है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के वनटांगिया गांव में दीपावली मनाने आए थे, जहाँ से उन्होने नशे के अवैध कारोबारियों को सीधी चेतावनी दी है। मालूम हो कि योगी आदित्यनाथ हर साल दीपावली के मौके पर गोरखपुर के कुसम्ही जंगल के बीच बसे जंगल के वनटांगिया समुदाय जैसे हाशिए पर रहे तबके के साथ दीपावली मनाते हैं।
सीएम योगी ने न केवल दीपोत्सव मनाया, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और सख्त संदेश भी दिया। माफियाओं के बाद अब 'नशे के सौदागरों' पर प्रहार का ऐलान वनटांगिया परिवारों के बीच आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य में संगठित अपराध और माफियाओं का सफाया किया जा चुका है, और अब शासन का अगला लक्ष्य 'नशे के सौदागरों' का पूर्ण खात्मा है।
अगले साल के शुरु में यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सीएम योगी की इस चेतावनी को भी आगामी चुनाव के परिप्रेक्ष्य में रखकर देखा जा रहा है। कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बढत रखने वाली सरकार के मुखिया के तौर पर सीएम इस ऐलान से अपना अगला एजेंडा भी स्पष्ट कर देना चाहते हैं।
उन्होंने युवाओं और समाज को आगाह करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति और पूरे परिवार को भीतर से खोखला कर देता है। सीएम ने स्पष्ट किया, "जो लोग दूसरों के जीवन को बर्बाद करते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। माफियाओं के खात्मे के बाद अब युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले ड्रग्स के सौदागरों पर कड़ा प्रहार किया जाएगा।
" उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी शिक्षा और करियर पर ध्यान दें, जबकि रोजगार और सुरक्षा की गारंटी सरकार की प्राथमिकता है। वनटांगिया समुदाय का इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा है, जब रेलवे स्लीपर के लिए जंगल बसाने वाले इन गरीब मजदूरों को न तो नागरिक अधिकार मिले थे और न ही बुनियादी सुविधाएं।
यहां तक कि उनके पास पक्के मकान बनाने या बच्चों को पढ़ाने के अधिकार तक से महरूम रखा गया था। वर्ष 1998 में गोरखपुर के सांसद के रूप में इस मुद्दे को उठाने वाले योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2009 में इन बस्तियों में दीपोत्सव मनाने की अनूठी पहल शुरू की थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद इन बस्तियों को 'राजस्व ग्राम' का दर्जा मिला, जिसके बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
आज इन गांवों में पक्के मकान, बिजली, पानी, पक्की सड़कें, स्कूल और आयुष्मान कार्ड जैसी सभी सुविधाएं शत-प्रतिशत उपलब्ध हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जो गांव कभी बदहाली के साए में थे, वहां आज मुख्यमंत्री के प्रयासों से 'जंगल में मंगल' है। ।
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