PM Modi Bastar Diwali Visit: नक्सल आतंक से मुक्त हुए बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ दीपावली मनाने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में दिमागी नक्सल पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने मंच से कहा कि हथियार वाले नक्सल तो खत्म हो गए, दिमागी नक्सल को खत्म करने की जरूरत है।
यह 13वां वर्ष है जब प्रधानमंत्री ने देश की सीमाओं और आंतरिक मोर्चों पर डटे प्रहरियों के साथ इस दीपावली मनाई है। प्रधानमंत्री इससे पहले कश्मीर को साझा किया है। इस बार का यह दौरा केवल एक परंपरा का निर्वहन नहीं था, बल्कि उस बस्तर की धरती से एक नया संदेश देने का अवसर था जो कभी लाल आतंक का सबसे बड़ा गढ़ मानी जाती थी, लेकिन आज सुरक्षा बलों के शौर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति से इस अभिशाप से मुक्त हो चुकी है।
सेना और सुरक्षा बल का हर व्यक्ति मेरा परिवार बस्तर में तैनात सुरक्षाकर्मियों के बीच पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने उनके समर्पण की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जब देश और दुनिया के करोड़ों लोग अपने घरों में परिवारों के साथ खुशियां मना रहे होते हैं, तब वे अपनी छुट्टियों और अपनों से दूर देश की रक्षा में मुस्तैद रहते हैं।
प्रधानमंत्री ने बेहद भावुक अंदाज में कहा, "देश की सीमाओं और देश के भीतर सुरक्षा करने वाले, माँ भारती के वीर बेटे-बेटियां, आप सभी मेरा परिवार हैं। मैं भी आप ही की तरह दीपावली का पर्व पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ मनाता हूँ। आपके बीच आना मेरे लिए परिवार के बीच आने जैसा है।
" पीएम ने अपने संबोधन में लाल आतंक की समाप्ति और नए बस्तर के निर्माण का जिक्र किया। उन्होने कहा कि एक समय में यह इलाका हिंसा और डर के साए में जीता था लेकिन सुरक्षा बलों के अथक प्रयास और बलिदान व सरकार की प्रतिबद्धता के कारण क्षेत्र आखिरकार नक्सलवाद के चंगुल से आज़ाद हुआ।
बीते वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय तथा सुरक्षा बलों के कड़े अभियानों के कारण कई जिलों को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, तब बाहरी ताकतों या दुश्मनों के मंसूबे खुद-ब-खुद नेस्तनाबूद हो जाते हैं।
आंतरिक सुरक्षा की यह मजबूती ही राष्ट्र की संप्रभुता की सबसे बड़ी ढाल है। बस्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की सबसे खास बातें: पीएम ने अपने भाषण में कहा कि 'लाल आतंक' खत्म हुआ और अब हम नया बस्तर देख रहे हैं। देश से नक्स्लवाद की समाप्ति एक असाधारण सफलता है जो सुरक्षा बलों के शौर्य और बलिदान का परिणाम है।
पीएम ने यह भी कहा कि देश बर से आर्म्ड नक्सल तो खत्म हो गए हैं लेकिन दिमागी नक्स्ल को खत्म करना जरूरी। नक्सलवाद से मुक्ति के बाद बस्तर का इलाका विकास, सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के नए द्वार खोल रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि देश का हर जवान उनके परिवार का हिस्सा।
आंतरिक सुरक्शा मजबूत तो देश पूरी तरह सुरक्षित। पिछले 12 सालों में देश केवल नक्सलवाद और अलगाववाद से ही नहीं बल्कि गरीबी से भी लड़ रहा है। 'दिमागी नक्सलियों' पर तीखा प्रहार कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने वैचारिक और वैयक्तिक स्तर पर देश को नुकसान पहुंचाने वाली प्रवृत्तियों को भी आड़े हाथों लिया।
उन्होंने सचेत किया कि भले ही भौतिक रूप से लाल आतंक का दायरा सिमट रहा हो, लेकिन वैचारिक मोर्चे पर सक्रिय उन तत्त्वों से सावधान रहने की आवश्यकता है जो समाज में भ्रम फैलाते हैं। प्रधानमंत्री ने इन्हें 'दिमागी नक्सली' की संज्ञा देते हुए कहा कि इस वैचारिक चुनौती से भी प्रभावी ढंग से निपटा जा रहा है और देश की युवा पीढ़ी को नकारात्मक एजेंडे से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
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