Diwali Celebration in India 2026: साल भर देश को जिसका इंतजार रहता है आखिर वह दिन भी आ ही गया। देश भर में आज रोशनी और आस्था का महापर्व दीपावली पूरी भव्यता और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। अमावस रात दुल्हन जैसी सजी है और पूरे देश में प्रकाशपर्व दीपावली की धूम मची है।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक, अटक से कटक तक अगर आज नासा (NASA) सेटेलाइट से भारत की तस्वीर लेगा तो पूरा नक्शा रौशनी से नहाया जगमगाता मिलेगा। आज देश का हर कोना जगमगाता मिलेगा। बाजारों से लेकर ऐतिहासिक सार्वजनिक स्थलों तक अनूठा उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस बीच, देश के अलग-अलग कोनों से आ रही तस्वीरें इस पर्व के सामाजिक और सांस्कृतिक विस्तार की नई कहानी कह रही हैं। अयोध्या में 10वां दीपोत्सव - दीपज्योति में नहाई सरयू अयोध्या में राममंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद हाल के वर्षों में सरयू तट पर असंख्य-दीपावली मनाने की परंपरा विकसित हुई है।
पहले से ही गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज़ हो चुकी अयोध्या में इस बार 10वें दीपोत्सव पर 33 लाख दिए जलाए गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू के किनारे अयोध्या दीपोत्सव का शुभारंभ किया। देश की राजधानी भी रोशनी की अठखेलियों से गुलजार हो रही है।
दिन में छत्तीसगढ के बस्तर में सुरक्षा-बलों के जवानों के साथ मीठी दिवाली मनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजधानी दिल्ली वापस आ चुके हैं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से उनके आवास पर मिलकर उन्हें दीपावली की बधाई दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के तमाम शीर्ष नेताओं ने देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और समाज में सौहार्द, प्रगति एवं प्रकाश के प्रसार की कामना की है।
दिल्ली का इंडिया गेट और अमर-जवान ज्योति भी बिजली की सजावटों से चमक रहा है। इस वर्ष दीपावली के अवसर पर जम्मू-कश्मीर से बेहद खास और उत्साहजनक तस्वीरें सामने आई हैं। श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने बढ़-चढ़कर उत्सव में हिस्सा लिया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच लाल चौक और घंटाघर के आसपास का इलाका दीपों की रोशनी और उत्सव के रंगों से सराबोर नजर आया। ऐतिहासिक स्थलों पर इस तरह की रौनक न केवल सामान्य होती जा रही जीवनशैली को दर्शाती है, बल्कि देश की साझा संस्कृति और सांस्कृतिक जुड़ाव के एक नए अध्याय को भी रेखांकित करती है।
बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी भी दीपावली पर सजी-संवरी और प्रकाश से दैदिप्यमान दिखी। मंदिरों और घाटों पर श्रद्धालुओं ने विधिपूर्वक पूजाकर दीपज्योति प्रज्वलित की वहीं उत्साही युवकमंडली असी घाट पर उड़नतस्तरी चलाकर दीपावली की रोशनी को गंगा की लहरों के उपर उडाते दिखे।
हवा में उड़ती उड़नतस्तरी की गंगा की अविरल जल राशि में बना प्रतिबिंब मानो गंगा भी दीपावली की रोशनी को अपनी छाती में समेट लेना चाहती हो। ।
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