अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। हार का असर अब सिर्फ पार्टी की चुनावी रणनीति तक सीमित नहीं है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगने लगी हैं।
खबरें हैं कि रूबियो ट्रंप प्रशासन से बाहर निकलने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। वहीं जेडी वेंस ने ईरान युद्ध को चुनाव में हार की बड़ी वजह बताकर ट्रंप से अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने के संकेत दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
सवाल है कि क्या ट्रंप के करीबी माने जाने वाले ये दोनों नेता अब अपनी अलग राह बनाने की तैयारी में हैं? क्या रिपब्लिकन पार्टी में ट्रंप के बाद नेतृत्व की लड़ाई शुरू हो चुकी है? मिडटर्म चुनाव में हार से ट्रंप की पार्टी को कितना बड़ा झटका?
अमेरिका की प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों पर चुनाव हुए। दिए गए चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने 253 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। रिपब्लिकन पार्टी को 157 सीटें मिली हैं, जबकि 25 सीटों पर नतीजे आने बाकी हैं।
सीनेट की 100 सीटों में से इस बार 35 सीटों पर मतदान हुआ। इनमें से 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं।
बाकी दो सीटों के नतीजे आने बाकी हैं। इन आंकड़ों को मिलाकर डेमोक्रेट्स के पास 54 और रिपब्लिकन के पास 44 सीटें बताई गई हैं। इस हार का सीधा मतलब है कि ट्रंप को अब संसद के दोनों सदनों में अपनी नीतियां आगे बढ़ाने के लिए पहले जैसी राजनीतिक ताकत नहीं मिलेगी।
विपक्षी डेमोक्रेट्स को सरकार के फैसलों पर सवाल उठाने और उन्हें चुनौती देने का बड़ा मौका मिल गया है। ट्रंप की मिडटर्म हार से भारत को फायदा या नुकसान? पाकिस्तान की क्यों बढ़ेगी मुश्किलें! समझिए दोनों देश पर असर क्या विदेश मंत्री मार्को रूबियो छोड़ेंगे ट्रंप प्रशासन?
मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद विदेश मंत्री मार्को रूबियो के प्रशासन छोड़ने की अटकलें तेज हुईं। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रूबियो और उनके सलाहकार भविष्य के विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारियों से पद छोड़ने को लेकर बातचीत भी की थी।
हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें फिलहाल पद पर बने रहने की सलाह दी। उनके इस्तीफे की कोई तारीख तय होने की बात सामने नहीं आई। लेकिन रूबियो ने इन खबरों को खारिज कर दिया।
द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ऐसी निराधार बातें कहां से आ रही हैं। ट्रंप का कार्यकाल पूरा होने तक उनके साथ काम करना हमेशा से उनकी योजना रही है। ।
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