कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बीजेपी सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि केंद्र में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों को चुनाव लड़ने के लिए बराबरी का मौका नहीं मिला। सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार का संस्थाओं, चुनाव आयोग, मेन स्ट्रीम मीडिया और पैसे की ताकत पर दबदबा है।
उन्होंने धर्म के इस्तेमाल को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। 'द हिंदू' को दिए एक इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले 12 साल में देश के लोकतंत्र और संस्थाओं को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस के लगातार चुनाव हारने को पार्टी के राजनीतिक सफर का अंत मानने से इनकार किया।
उनका कहना है कि लोग अब इस नुकसान को समझने लगे हैं और देश में बेहतर शासन की वापसी चाहते हैं। सोनिया गांधी की इन टिप्पणियों पर बीजेपी ने भी पलटवार किया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उन्हें 1975 की इमरजेंसी की याद दिलाई, जबकि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाए।
सोनिया गांधी ने अपने इंटरव्यू में कहा कि बीजेपी सरकार के पिछले 12 साल के कार्यकाल में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं को नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक, इसका असर इतना गहरा है कि सरकार बदलने के बाद भी व्यवस्था को दोबारा मजबूत करने में वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सिर्फ नई सरकार बनना काफी नहीं होगा, बल्कि सभी राजनीतिक दलों को मिलकर मेहनत करनी पड़ेगी।
सोनिया गांधी का मानना है कि देश के लोग अब हालात को लेकर बेचैन होने लगे हैं। उन्हें लोकतंत्र और संस्थाओं को हुए नुकसान का अहसास हो रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या 2029 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद राजनीति फिर से नीतियों और विकास के मुद्दों पर लौट पाएगी, तो उन्होंने उम्मीद जताई कि देश के लोग बेहतर शासन व्यवस्था का स्वागत करेंगे।
सोनिया ने कहा कि वह कांग्रेस के भविष्य को लेकर निराश नहीं हैं। उन्हें भरोसा है कि पार्टी मौजूदा हालात से उबर सकती है। 'देखते ही जिंदगी बिताने का किया फैसला',सोनिया गांधी ने खोला राजीव गांधी से पहली मुलाकात का राज, X पर की एंट्री चुनाव आयोग, मीडिया और पैसे की ताकत पर उठाए सवाल सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के आने के बाद से कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों को चुनाव में समान अवसर नहीं मिले हैं।
उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष का कई संस्थाओं पर मजबूत नियंत्रण है। इसमें चुनाव आयोग और मुख्यधारा का मीडिया भी शामिल है। उन्होंने बीजेपी पर पैसे की ताकत और धर्म के इस्तेमाल से चुनावी माहौल प्रभावित करने का आरोप लगाया।
सोनिया गांधी ने कहा इतनी चुनौतियों के बावजूद कांग्रेस लगातार मुकाबले में बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा हालात का सामना करने की क्षमता कांग्रेस ने दिखाई है। पार्टी के कार्यकर्ता और नेता अलग-अलग तरह के दबाव और कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, लेकिन गांवों और जिलों में संगठन के लोग संविधान के मूल्यों के लिए लड़ रहे हैं।
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