दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों को लेकर चर्चा में आई कॉकroach जनता पार्टी (CJP) अब विदेशी फंडिंग और पाकिस्तान से कथित कनेक्शन के आरोपों को लेकर विवादों में है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके और उसके रणनीतिकार आशुतोष रांका को विदेश से पैसा मिल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इस फंडिंग के पीछे भारत विरोधी संगठन और विदेशी नेटवर्क हैं। हालांकि, ये आरोप हैं। जांच एजेंसियों की ओर से इन दावों को लेकर सार्वजनिक तौर पर क्या सबूत पेश किए गए हैं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब विदेशी फंडिंग और पाकिस्तान से कनेक्शन के आरोपों को लेकर विवादों में है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके और प्रवक्ता आशुतोष रांका को विदेशों से पैसा मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि जांच एजेंसियों के पास इसके पुख्ता सबूत हैं।
सरकार ने सीजेपी पर राजकता फैलाने के लिए विदेशी एनजीओ और भारत विरोधी नेटवर्क से अवैध फंड लेने का गंभीर आरोप लगाया है। त्योहारों के दौरान दिल्ली में अराजकता फैलाने की साजिश: BJP बीजेपी प्रवक्ता तुहिन ए सिन्हा ने सीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस समूह के हालिया प्रदर्शनों का मकसद त्योहारी सीजन के दौरान राजधानी में अराजकता का माहौल बनाना था।
तुहिन ए सिन्हा ने सीजेपी और कांग्रेस की तुलना करते हुए कहा कि दोनों ही संगठन एक साथ न्यायपालिका को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जाने और मॉक महाभियोग चलाने को लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि खराब करने की सोची-समझी कोशिश करार दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी INDIA ब्लॉक के साथ करेगी गठबंधन? मांगी राय,राहुल गांधी वाली रैली को लेकर बड़ा फैसला तुहिन ए सिन्हा ने कहा सीजेपी की तुलना कांग्रेस से करते हुए दोनों पर न्यायपालिका को निशाना बनाने का आरोप लगाया। सिन्हा ने राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और अहम सुनवाई से पहले न्यायाधीशों के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग जैसी कार्रवाई का जिक्र किया।
उनके मुताबिक इन घटनाओं के जरिए देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई। इस सियासी बयानबाजी के बीच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए बुलाया है। पुलिस उनसे निषेधाज्ञा का पालन नहीं करने, अनुमति के बिना जंतर-मंतर में प्रवेश करने और दूसरी पार्टी की संपत्ति में कथित तौर पर घुसने के मामले में पूछताछ कर रही है।
इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने दास और रांका को हिरासत में लिया था। बाद में दोनों को 50-50 हजार रुपये के शांति बॉन्ड पर छोड़ा गया। उन्होंने एक साल तक शांति भंग करने वाली किसी गतिविधि में शामिल नहीं होने का लिखित भरोसा दिया था।
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