भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। न्यूजीलैंड की प्लेइंग 11 में शामिल नहीं होने के बावजूद मैट फिशर मैदान पर गेंदबाजी करने उतर आए। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर अक्षर पटेल को आउट कर दिया।
अब सवाल यह है कि आखिर मैच के बीच न्यूजीलैंड की टीम में यह बदलाव कैसे हुआ और इसकी अनुमति किस नियम के तहत मिली? मामला यह हुआ कि न्यूजीलैंड की पारी के दौरान बल्लेबाजी कर रहे ब्लेयर टिकनर के हेलमेट पर गेंद लग गई थी। सिर पर गेंद लगने के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए मेडिकल टीम ने जांच की।
इसके बाद न्यूजीलैंड ने आईसीसी के कन्कशन सब्स्टीट्यूट नियम के तहत मैट फिशर को उनकी जगह टीम में शामिल करने का फैसला किया। क्या होता है कन्कशन सब्स्टीट्यूट का नियम? क्रिकेट में खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आईसीसी ने कन्कशन सब्स्टीट्यूट का नियम बनाया है।
इसके तहत अगर किसी खिलाड़ी के सिर या गर्दन के आसपास गेंद लगने से चोट पहुंचती है और मेडिकल जांच में कन्कशन की आशंका सामने आती है, तो टीम उसकी जगह दूसरे खिलाड़ी को उतारने की अनुमति मांग सकती है। इसके लिए आईसीसी के मैच रेफरी की मंजूरी जरूरी होती है। साथ ही रिप्लेसमेंट खिलाड़ी की भूमिका चोटिल खिलाड़ी के समान होनी चाहिए।
यानी गेंदबाज की जगह गेंदबाज, बल्लेबाज की जगह बल्लेबाज और ऑलराउंडर की जगह ऑलराउंडर को शामिल किया जा सकता है। ब्लेयर टिकनर की जगह मैदान पर उतरे मैट फिशर ने गेंदबाजी में आते ही अपना प्रभाव छोड़ दिया। उन्होंने पहली ही गेंद पर अक्षर पटेल का विकेट हासिल कर लिया।
इस तरह न्यूजीलैंड को नियम के तहत बदलाव करने का फायदा भी मिला। हालांकि डकवर्थ लुईस नियम के तहत कीवी टीम को 4 रन से हार मिली, न्यूजीलैंड 134 पर आउट हो गई, भारत ने बारिश तक 7 विकेट पर 113 रन बनाए लेकिन न्यूजीलैंड से DLS के तहत 4 रन ज्यादा होने के कारण भारत को विनर घोषित किया गया।
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