अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को कड़ी चुनौती दी है। शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेट्स को संसद के दोनों सदनों में बढ़त मिली है। इससे ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
चुनावी नतीजों के बीच ट्रंप ने अपनी पहली प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने कहा कि अगर वह खुद चुनाव लड़ रहे होते तो उनकी पार्टी बड़े अंतर से जीतती। लेकिन सवाल यह है कि ट्रंप की पार्टी को मतदाताओं का साथ क्यों नहीं मिल रहा?
क्या इसकी वजह महंगाई और कमजोर होती अर्थव्यवस्था है, या फिर ईरान के साथ युद्ध, भ्रष्टाचार, टैरिफ और वीजा से जुड़ी नीतियों ने भी लोगों की नाराजगी बढ़ाई है? शुरुआती सर्वे और चुनावी रुझान कई वजहों की तरफ इशारा कर रहे हैं। मिडटर्म चुनाव में पिछड़ने पर बोले ट्रंप-'मैं मैदान में होता तो बड़े अंतर से जीतते' मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के पिछड़ने के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी।
उन्होंने लिखा, "मैं चुनाव में उम्मीदवार नहीं था। अगर मैं उम्मीदवार होता, तो हम बहुत बड़े अंतर से जीतते। " इस बयान से ट्रंप ने अपनी लोकप्रियता पर उठ रहे सवालों का जवाब देने की कोशिश की।
इससे पहले उन्होंने सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि उनकी चुनावी रैलियों से रिपब्लिकन उम्मीदवारों को फायदा हुआ। ट्रंप ने 1 अक्टूबर से मतदान के दिन तक कड़े मुकाबले वाले राज्यों में 28 रैलियां की थीं। उनका कहना था कि इन सभाओं से पार्टी का संदेश लोगों तक पहुंचा और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा।
'ईरान पर अभी हमले का कोई प्लान नहीं, लेकिन सेना तैयार', मिडटर्म का डर या नई चाल? क्या करेंगे ट्रंप? दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की भारी बढ़त: क्या हैं ताजा आंकड़े?
संसद के दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी पिछड़ती नजर आ रही है। चुनाव आयोग और मीडिया के शुरुआती रुझानों के मुताबिक सीटों का गणित इस प्रकार है US Midterm Election: दोनों सदनों में रिपब्लिकन पीछे, क्या ट्रंप से नाराज हैं वोटर्स? बहुमत बचाने की चुनौती ट्रंप की पार्टी के पिछड़ने की 5 बड़ी वजहें: मंदी, भ्रष्टाचार, मिडिल ईस्ट, टैरिफ और वीजा पॉलिसी NBC न्यूज और एपी (AP) के एग्जिट पोल के आंकड़े बताते हैं कि इस बार करीब 43% मतदाताओं ने सीधे तौर पर राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों के विरोध में वोट डाला।
वोटरों की नाराजगी की मुख्य वजहें कुछ इस तरह हैं। रिपब्लिकन पार्टी के पिछड़ने की सबसे बड़ी वजहों में अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी शामिल है। अमेरिका में पेट्रोल, किराने के सामान और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ता खर्च मतदाताओं के लिए बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
एपी वोटर पोल के मुताबिक, करीब तीन-चौथाई अमेरिकी मौजूदा हालात से नाराज या असंतुष्ट हैं। इतने ही लोगों ने देश की अर्थव्यवस्था को खराब या बहुत अच्छा नहीं बताया। करीब 40 फीसदी मतदाताओं ने अर्थव्यवस्था को अपना सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा माना।
इनमें भी ज्यादातर लोग पेट्रोल और किराने के सामान की कीमतों को लेकर चिंतित थे। ।
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