US Midterm Election 2026 Results: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के फाइनल नतीजे अब साफ होने लगे हैं, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए तगड़ा झटका साबित हुए हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में जरूरी 51 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है।
इसके साथ ही निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स ने 200 का आंकड़ा पार कर लिया है। इस करारी हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अलग ही अंदाज देखने को मिला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चुटकी लेते हुए कहा कि अब वे राजनीति के 'पंडित' बनेंगे और विस्तार से बताएंगे कि कौन सा उम्मीदवार क्यों जीता या हारा।
सीनेट चुनाव में ट्रंप की करारी हार? हार स्वीकार कर कही यह बड़ी बात चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब वह राजनीतिक पंडित की भूमिका निभाएंगे। वह बताएंगे कि कौन सा उम्मीदवार क्यों जीता और किसे हार का सामना क्यों करना पड़ा।
ट्रंप ने कहा कि वह अच्छे और खराब, दोनों तरह के राजनीतिक विश्लेषण करेंगे। ट्रंप ने लिखा "मैं अच्छा और बुरा, दोनों तरह का राजनीतिक विश्लेषण करूंगा और बताऊंगा कि किन वजहों से उम्मीदवार जीते या हारे। " इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि अगर वह खुद चुनाव में उम्मीदवार होते तो रिपब्लिकन पार्टी बड़े अंतर से जीतती।
उन्होंने यह भी कहा कि वह चुनावी नतीजों को स्वीकार करने और डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, ट्रंप ने उम्मीद जताई कि दोनों पार्टियां मिलकर कोई रास्ता निकाल सकेंगी। Midterm Election: ट्रंप की हार के पीछे 5 बड़ी वजह, महंगाई से ईरान जंग तक, पिछड़ने पर बोले-'मैं होता तो जीतता' फॉक्स न्यूज पर भी भड़के ट्रंप एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने फॉक्स न्यूज की आलोचना की।
उन्होंने न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर बिल डी ब्लासियो को चैनल पर बुलाने पर सवाल उठाया। ट्रंप ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि चैनल लगातार डेमोक्रेटिक विपक्ष को मंच दे रहा है और रिपब्लिकन पार्टी के नुकसान के लिए भी उसकी जिम्मेदारी है। इन नतीजों से ट्रंप के लिए संसद में अपनी नीतियां आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है।
सीनेट और हाउस में डेमोक्रेट्स की ताकत बढ़ने से बजट, कानून और सरकार के फैसलों पर दोनों पार्टियों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका है। हालांकि मिडटर्म चुनाव में पार्टी की हार से ट्रंप का राष्ट्रपति पद खत्म नहीं होता। संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने मजबूत पकड़ बना ली है 'ईरान पर अभी हमले का कोई प्लान नहीं, लेकिन सेना तैयार', मिडटर्म का डर या नई चाल?
क्या करेंगे ट्रंप? अब आगे क्या होगा? संसद के दोनों सदनों में समीकरण बदलने के बाद आने वाले दो साल राष्ट्रपति ट्रंप के लिए आसान नहीं होंगे।
सीनेट में डेमोक्रेट्स के हाथ में बहुमत आने से ट्रंप प्रशासन के लिए अपने एजेंडे, टैरिफ और दूसरे अहम विधेयकों को पास कराना बड़ी चुनौती बन जाएगा। राजनीति में इस सियासी उलटफेर के बाद अब दोनों दलों के बीच तालमेल बिठाने की नई जंग शुरू होने वाली है। ।
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